लगातार परमाणु और मिसाइल परीक्षण करके पूरी दुनिया को जंग की तरफ धकेलने की कोशिश में लगा उत्तर कोरिया साइबर ताकत की मदद से भी दुनिया को परेशान करने में लगा है। दरअसल उसके एक गुप्त साइबर प्रोग्राम से दुनिया के कई बड़े देश सकते में हैं।
उत्तर कोरिया की तरफ से दुनिया के अलग-अलग देशों में लगातार साइबर हमले किए जा रहे हैं जिससे इन देशों को बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। दरअसल अमेरिका और ब्रिटेन के सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया है कि साइबर अपराध के क्षेत्र में उत्तर कोरिया की मजबूती के पीछे उसके छह हजार हैकर्स की टीम है।
पिछले साल हैकरों ने न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व से एक अरब डॉलर चुराने के बेहद करीब पहुंच चुके हैकरों की एक गलती ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया था। वहीं ऐसी ही एक गलती के कारण बांग्लादेश के सेंट्रल अकाउंट के एक बैंक से चोरी करने में भी वे विफल रहे थे।
इसी साल मई में कई देशों पर एक साथ हमला किया गया था जिसे 22 साल के एक ब्रिटिश हैकर ने विफल कर दिया था। इस दौरान जहां अमेरिकी नेशनल हेल्थ सर्विस बंद हो गई थी वहीं कई देश बुरी तरह प्रभावित हुए थे। उत्तर कोरियाई साइबर हैकरों पर अब तक 81 मिलियन डॉलर की चोरी का इल्जाम लग चुका है।
दरअसल उत्तर कोरिया पर परमाणु परीक्षणों को लेकर कई पाबंदियां लगाई जा चुकी हैं मगर साइबर अपराध के मामले में ऐसा नहीं हो पा रहा है।
नैशनल सिक्योरिटी एजेंसी के पूर्व उप निदेशक क्रिस इंगलिस ने कहा कि साइबर उत्तर कोरिया लिए एक बड़ी ताकत की तरह है। इसमें लागत कम लगती है और काफी हद तक पहचान उजागर भी नहीं हो पाती है। यह उनके लिए आय का स्रोत बनता जा रहा है। इससे दुनिया के कई बड़े देशों के सरकारी और प्राइवेट-सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खतरा पैदा हो गया है।