पूर्व राष्ट्रपति ओबामा सीरिया पर सीधे हमले के बजाय आईएस को निशाना बना रहे थे, लेकिन सीरिया पर प्रत्यक्ष अमेरिकी हमलों से रूस बौखला गया है। चूंकि सीरिया की असद सरकार को को रूस का सीधा समर्थन है इसलिए रूसी पीएम दिमित्री मेदवेदेव ने चेतावनी दी है कि मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच सैन्य टकराव सिर्फ एक इंच की दूरी पर है। इस बीच ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठकों के बाद सीरिया पर मिसाइल हमलों को हरी झंडी दे दी है।
सीरियाई एयरबेस पर 59 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागने के बाद रूस ने अमेरिका से अपना हॉटलाइन संपर्क काट दिया है। इस हॉटलाइन से रूस और अमेरिका सीरिया में सैन्य कार्रवाई के बारे में एक-दूसरे को सूचित करते रहे हैं।
रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मिदवेदेव ने दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव को एक इंच की दूरी पर बताते हुए कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ कई बैठकों के बाद आज फ्लोरिडा में मार ए-लागो रिसॉर्ट से सीरियाई इलाके में मिसाइल हमलों को हरी झंडी दे दी है।
हालांकि फिलहाल ट्रंप प्रशासन की अगली कार्रवाई का पता नहीं चला है, लेकिन इतना बताया गया है कि जो भी किया जाएगा वह निर्णायक और उचित ही होगा। यह भी स्पष्ट संकेत हैं कि इस बारे में रूस से राजनीतिक या सैन्य स्तर पर कोई बातचीत नहीं हुई है। इस बीच, रूस ने क्रूज मिसाइलों से लैस अपने लड़ाकू जहाजों को ब्लैक सी से बुलाकर सीरिया के बंदरगाह पर तैनात करने और सीरिया में पहले से तैनात मिसाइलों की नई खेप को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। इससे स्पष्ट है कि रूस सीरिया में अपनी सैन्य क्षमताएं और मजबूत करने में जुट गया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में टकराए अमेरिका और रूस
सीरिया के वायुसेना अड्डे पर अमेरिकी मिसाइल हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और रूस के बीच आज जमकर टकराव चला। अमेरिका ने जहां इस मसले पर ‘और अधिक कार्रवाई’ की चेतावनी दी, वहीं रूस ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसकी ‘आक्रामक कार्रवाई’ अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र में 15-सदस्यीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक के दौरान अमेरिकी राजदूत एवं इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष निकी हेली ने अमेरिकी मिसाइल हमलों को ‘एकदम सही’ ठहराया।
निकी ने कहा कि - ‘हमारी सेना ने उस वायुसेना अड्डे को तहस-नहस कर दिया है, जहां से इस सप्ताह रासायनिक हमले किए गए थे, और यह एकदम उचित था।’ भारतीय मूल की निकी हेली ने कहा कि - ‘इस सिलसिले में हम लोग और कार्रवाई करने की तैयारी में हैं, लेकिन हमें उम्मीद है कि ऐसा करना जरूरी नहीं होगा।’ निकी ने कहा कि - ‘अमेरिका अब और इंतजार नहीं करेगा।’ निकी ने रूस पर ईरान के साथ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि - ‘जब-जब असद ने मानवता की सीमा लांघी, रूस उनके (असद के) साथ खड़ा था और उसे सीरिया में संकट के लिए अपनी जिम्मेदारी माननी चाहिए।’
दूसरी तरफ, रूस ने अमेरिका की आलोचना करते हुए सीरियाई इलाके में अमेरिकी मिसाइल हमलों को ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन व गुस्से की कार्रवाई’ बताया है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप-राजदूत ब्लादिमीर सैफ्रोंकोव ने कहा कि - ‘हम लोग अमेरिका की इस अनुचित कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं। इसके नतीजे क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए खतरनाक हो सकते हैं।’ हमले से नाराज सैंफ्रोंकोव ने कहा कि - ‘अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा सीरिया की वैध सरकार को उखाड़ फेंकने का यह विचार बेहद बेहूदा है।’
और अधिक प्रतिबंध लगा सकता है अमेरिका
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सीरिया में सफल सैन्य अभियान के बाद ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने आज कहा कि रासायनिक हमले के मद्देनजर वाशिंगटन दमिश्क पर जल्द ही और अधिक प्रतिबंध लगा सकता है। सीरिया में रासायनिक हमले का आरोप वहां के राष्ट्रपति बशर अल असद पर है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीव नुचिन ने कहा कि - ‘हम शीघ्र ही इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश के लिए सीरिया पर अतिरिक्त प्रतिबंध की घोषणा करेंगे।’
सीरिया पर सफल हमलों का दावा
अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने दावा किया कि - ‘कल का सैन्य अभियान जबर्दस्त ढंग से सफल रहा है।’ उन्होंने यह भी माना कि - ‘मिसाइल हमले में सीरिया के रनवे नष्ट नहीं किए जा सके, क्योंकि वे बहुत मोटे हैं और वे इस तरीके से बने हैं कि नुकसान के कुछ घंटों बाद उनकी आसानी से मरम्मत की जा सके। इसलिए लक्ष्य एअरबेस को इस तरह निशाना बनाने का था कि वहां परिचालन ठप हो जाए।’