अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ऐसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने इस पद पर रहते हुए जापान के उस शहर (हिरोशिमा) का दौरा किया है, जो परमाणु बम की तबाही का शिकार बना था। इस हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि 71 साल पहले आसमान से मौत आई थी, जिसने पूरी दुनिया को बदल दिया था।
हिरोशिमा में परमाणु बम गिरने के तीन दिनों बाद ही जापान के दक्षिणी शहर नागासाकी में दुसरा परमाणु बम गिराया गया था। इन दोनों हमलों में करीब 2 लाख लोग मारे गए थे।
परमाणु हमले से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां
nuclear bomb
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने दो जापानी शहरों पर परमाणु बम गिराये थे। हिरोशिमा शहर में छह अगस्त 1945 को लिटिल बॉय नामक बम गिराया गया था, जिसमें 1,40,000 लोगों की जान चली गई थी। नागासाकी शहर में नौ अगस्त 1945 को फैट मैन नामक बम गिराया गया, जिसमें 74,000 लोगों की जान गई थी।
परमाणु बम के प्रभाव के कारण लाखों लोग हमेशा के लिए अपाहिज हो गए थे। आज भी परमाणु बम के रेडिएशन की वजह से कई बच्चे अपाहिज पैदा होते हैं।
1946 में अमेरिकी सरकार की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर अमेरिका परमाणु हमला नहीं भी करता तो सिर्फ हवाई हमलों से ही जापान से आत्मसमर्पण कराया जा सकता था। वैसे भी अगर आत्मसमर्पण कराना ही था, तो बम सैन्य ठिकानों या किसी बाहरी इलाके में गिराना चाहिए था न कि आम नागरिकों के ऊपर।