फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत-पाक की वार्ता के बीच घुसना चाहता है अमेरिका, कर रहा मीठी-मीठी बात

Wed, 12 Sep 2018 07:26 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच रचनात्मक वार्ता की स्थितियां बनती हैं तो अमेरिका ‘‘बेहद मददगार’’ होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका नई दिल्ली के इस रुख को समझता है कि सीमा पार आतंकवाद में ‘‘स्पष्ट कमी’’ से ही ऐसी वार्ता के लिए भरोसा कायम होगा।

विज्ञापन


दक्षिण और मध्य एशिया की उप विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच साझा हुए सकारात्मक संदेशों का स्वागत करता है और साथ ही इसका भी स्वागत करता है कि ‘‘कैसे दोनों सरकारें पहले से मौजूद ढांचों चाहे वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की वार्ता हो या बस सेवा के जरिए लोगों के बीच परस्पर संवाद पर आगे बढ़ सकती हैं।’’ 

प्रधानमंत्री मोदी ने 20 अगस्त को खान को एक पत्र लिखकर यह संदेश दिया था कि भारत पाकिस्तान के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत की उम्मीद रखता है। खान ने भारत-पाकिस्तान शांति प्रक्रिया फिर से शुरू करने की भी इच्छा जताई थी और कहा था कि दोनों देशों को कश्मीर मुद्दे समेत अपने मतभेदों को सुलझाना चाहिए और व्यापार शुरू करना चाहिए।
विज्ञापन


एक सवाल के जवाब में वेल्स ने कहा कि आम तौर पर अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसी वार्ता का समर्थन करता है जो तनाव कम कर सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम समझते हैं और हमारी उन उम्मीदों पर भारतीय साझेदारों के साथ बात हुई कि सीमा पार आतंकवाद या घुसपैठ में पर्याप्त कमी आनी चाहिए जो किसी वार्ता के लिए भरोसे को कायम करने में मददगार होगी।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘अगर रचनात्मक द्विपक्षीय संवाद के लिए स्थितियां पैदा की जाती हैं तो निश्चित तौर पर हम बहुत सहयोगी होंगे।’’ हाल के वर्षों में भारत-पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं और दोनों देशों के बीच कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं हो रही है। इनपुट: भाषा

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें