अमेरिका ने एक बार फिर भारत चीन को डोकलाम विवाद पर वार्ता करने की सलाह दी है। अमेरिका ने कहा है कि भारत और चीन को अपने विवाद बात करके हल करने चाहिए। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता हीथर नौरट ने कहा कि हम दोनों ही देशों को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि वह एक दूसरे से बात करके मामले को हल कर सकें।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने बात और चीन को बात करने की सलाह दी है। इससे पहले भी अमेरिका ने भारत और चीन को बात करके डोकलाम विवाद सुलझाने की बात कही थी।
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11 अगस्त को अमेरिकी राजनयिक ने भी भारत और चीन को बातचीत के जरिए डोकलाम विवाद हल करने की बात कही थी। बता दें कि भारत और चीन के बीच पिछले दो महीनों से भारत-भूटान-चीन ट्राई जंक्शन पर डोकलाम सीमा को लेकर विवाद चल रहा है।
भूटान ने चीन पर अपनी सीमा में घुसने का आरोप लगाया था, जिसके बाद भारतीय सैनिकों ने चीन के सड़क निर्माण कार्य को रोक दिया। भारत के इस कदम के बाद से चीन और भारत के बीच तनातनी चल रही है।
चीन का आरोप है कि भारतीय सैनिकों ने चीनी सीमा में घुसपैठ की है। वहीं मंगलवार को चीन ने लद्दाख सीमा ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। जब भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को घुसपैठ से रोका तो उनकी तरफ से पत्थराव किया गया। जिसके बाद भारतीय सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया।
डोकलाम विवाद के बाद लद्दाख में चीन ने की घुसपैठ की कोशिश, जवानों पर किया पथराव
मंगलवार को जहां एक ओर पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा था वहीं चीनी सैनिकों ने एक बार फिर भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। पीएलए ने लद्दाख की मशहूर पानगोंग झील के किनारे भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश, जिसके बाद भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों की कोशिश को नाकाम कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने सुबह छह बजे से नौ बजे के बीच दो इलाकों- फिंगर फोर और फिंगर फाइव में भारतीय सीमा में दाखिल होने का दो बार प्रयास किया। लेकिन इन दोनों मौकों पर भारतीय जवानों ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया। जब चीनी सैनिकों ने पाया कि उनके सामने भारतीय सैनिक मानव श्रृंखला बनाकर खड़े हैं तो उन्होंने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया जिसके बाद भारतीय जवानों ने तत्काल जवाब देते हुए पथराव किया।
इस घटना में दोनों तरफ के लोगों को मामूली चोटें आईं और रस्मी ‘बैनर ड्रिल’ के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। बैनर ड्रिल के तहत दोनों पक्ष अपने स्थान पर जाने से पहले बैनर दिखाते हैं। नयी दिल्ली में सेना के एक प्रवक्ता ने इस घटना पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
पहले भी आमने सामने आ चुके हैं भारत और चीन
यह घटना उस वक्त हुई है जब सिक्किम सेक्टर में डोकलाम में दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है। चीनी सैनिक फिंग फोर इलाके में घुसने में कामयाब हो गए थे जहां से उनको वापस भेजा गया। यह इलाका दोनों देशों के बीच गतिरोध का केंद्र रहा है क्योंकि दोनों इसे अपने क्षेत्र का हिस्सा बताते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि भारतीय पक्ष ने 1990 के दशक के आखिर में हुई बातचीत के दौरान जब इस इलाके पर दावा किया था तब चीनी सेना ने मेटल-टॉप रोड का निर्माण किया था और इस बात पर जोर दिया था कि यह अक्साई चीन का हिस्सा है।
चीन ने फिंगर फोर तक सड़क का निर्माण कराया था जो सिरी जाप इलाके में आता है और वास्तविक नियंत्रण रेखा से पांच किलोमीटर की दूरी पर है।इससे पहले चीनी सैनिकों की गश्त इस झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से बार बार होने लगी थी। इस झील का 45 किलोमीटर का हिस्सा भारतीय क्षेत्र में है और 90 किलोमीटर चीनी क्षेत्र में है।