भारत से अमेरिका जाने वाले यात्रियों को अब ज्यादा समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। अमेरिका ने भारतीय यात्रियों के लिए ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम शुरू कर दिया है। इस प्रोग्राम से ऐसे भारतीय यात्रियों को अमेरिका जाने में कोई परेशानी नहीं होगी जिनकी भूमिका संदेहात्मक नहीं है। लेकिन संदेह के दायरे में आने वाले यात्रियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पायेगा।
अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सरना ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम में नामांकन करवाने वाले पहले भारतीय बने। भारत 11वां ऐसा देश है जिसके नागरिक कस्टम और बॉर्डर प्रोटेक्शन में नामांकन के लिए योग्य हैं। जो लोग ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम के सदस्य हैं उन्हें अमेरिका में लैंड करने पर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। कस्टम डिपार्टमेंट भी ऐसे सदस्यों को सुविधाएं देगा जो ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम के सदस्य हैं।
इस प्रोग्राम का सदस्य बनने के लिए कठिन इंटरव्यू से गुजरना होगा। ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम का लाभ अमेरिका के 53 एयरपोर्ट और 15 पूर्व निर्धारित जगहों पर मिलेगा। इस प्रोग्राम का लाभ अमेरिकी नागरिकों, ग्रीन कार्ड होल्डर्स को मिलेगा।
इस कार्यक्रम के सदस्य बने भारतीय नागरिकों में अमेरिका के चुनिंदा एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन क्लियरेंस से जुड़े अधिकारी से मिलने के लिए लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। वे ऑटोमेटिक ग्लोबल एंट्री क्यिोसक के जरिए अमेरिका में प्रवेश कर सकेंगे। अमेरिकी कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के कार्यकारी आयुक्त केविन मैकअलीनन ने कहा, ‘सीबीपी भारतीय नागरिकों को अपने फ्लैगशिप विश्वसनीय ट्रैवलर कार्यक्रम की सुविधा देने के लिए उत्साहित है।’