इस साल दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या और सड़क सुरक्षा की थीम रखी गई थी, जिसके लिए तीन-तीन लोगों की टीम बनाई गई थी। इस प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार भारती विद्यापीठ कालेज के तन्मय, कनिष्क और प्रेरणा की टीम को मिला।
दूसरा पुरस्कार चंडीगढ़ की यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के दिव्यम मदान और राधिका दुआ को मिला। दिव्यम और राधिका ने एक ऐसी वेबसाइट बनाई थी, जो दिल्ली में होने वाले अगले 24 घंटे के वायु प्रदूषण के स्तर का अनुमान लगाती है।
तीसरा पुरस्कार भी भारती विद्यापीठ कालेज के सिद्धार्थ तालिया, निकुंज अग्रवाल और समरजीत कौर को मिला। तीनों ने रैप्सबेरी पीआई और एक्सबी रेडियो मॉड्यूल तकनीक की मदद से एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रोटोटाइप तैयार किया है जो सड़क पर होने वाले संभावित खतरों का पता लगाकर व्हीकल-टू-व्हीकल ट्रांसमिट करता है।