चीन के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ताइवान को मिसाइल और तोपखाने समेत तीन हथियार प्रणालियों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। 1.8 अरब डॉलर मूल्य के इस सौदे की मंजूरी पर चीन भड़क उठा है। उसने कहा है कि इस बात से चीन और अमेरिका के रिश्तों पर गहरा असर पड़ेगा।
बता दें कि ट्रेड वॉर, तिब्बत और हांगकांग को लेकर पहले ही दोनों देशों के बीच रिश्ते बिगड़े हुए हैं। ऐसे में अमेरिका द्वारा ताइवान को चीन के खिलाफ मजबूत करने की कोशिशों से दोनों देशों में तनाव बढ़ने के पूरे आसार हैं।
अमेरिका ने ताइवान को जिन हथियारों को बिक्री की मंजूरी दी है उनके तहत अमेरिका सतह पर मार करने वाली एक अरब डॉलर से ज्यादा मूल्य की 135 मिसाइलें और उपकरण ताइवान को देगा। इनके अलावा लॉकहीड मार्टिन कॉर्प द्वारा बनाए गए 40 करोड़ डॉलर के करीब की रकम वाले 11 ट्रक-आधारित रॉकेट लांचर भी ताइवान को बेचेगा।
बता दें कि कई वर्षों से चीन सरकार ताइवान पर अपना अधिकार होने का दावा करती रही है। ऐसे में अमेरिका का अलग से ताइवान से रिश्ते बनाना और उसे हथियारों की आपूर्ति करना उसे नागवार गुजर रहा है।
समय आने पर हम जवाब देंगे : चीन
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा है कि आने वाले समय में चीन का इसका समुचित जवाब देगा। चीन की प्रतिक्रिया पहले से सोची-समझी लाइन पर ही है। उसने कहा, अमेरिका न सिर्फ चीन से अपने रिश्ते लगातार बिगाड़ रहा है बल्कि वह कई अंदरूनी मामलों में दखल भी कर रहा है।
अमेरिका से रिश्ते मजबूत करेंगे : ताइवान
इस बीच ताइवान ने कहा है कि वह चीन के साथ हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं होना चाहता लेकिन उसे अपने लिए एक भरोसेमंद युद्धक क्षमता की जरूरत है।
अमेरिका की तरफ से हथियारों की बिक्री को मंजूरी मिलने के बाद ताइवान के रक्षा मंत्री येन डे फा ने यह बात कहा कि अमेरिकी हथियारों से ताइवान अपनी सुरक्षा क्षमता को ज्यादा मजबूत कर सकेगा। उन्होंने कहा, हम अमेरिका से मजबूत रिश्ते बनाएंगे।