अमेरिका ने वीजा जांच प्रक्रिया में सुरक्षा सख्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अब एफ, एम, और जे कैटेगरी के नॉन-इमिग्रेंट वीजा के लिए आवेदन करने वाले सभी लोगों को अपनी सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग ‘पब्लिक’ करनी होगी। इसका मकसद वीजा आवेदकों की पहचान की बेहतर जांच करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह नया नियम तुरंत लागू कर दिया गया है।
सोशल मीडिया को लेकर नया नियम क्यों, समझिए
मामले में यूएस दूतावास इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हर वीजा आवेदन एक राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा निर्णय होता है। अमेरिका 2019 से ही वीजा आवेदन फॉर्म में सोशल मीडिया के यूजर नेम मांग रहा है, लेकिन अब सोशल मीडिया अकाउंट को सार्वजनिक करने को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि आवेदकों की पूरी जांच की जा सके। इसके साथ ही अमेरिका का कहना है कि वे सभी उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल करते हैं ताकि ऐसे लोग अमेरिका न आ सकें जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।
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सोशल मीडिया पब्लिक करने से निजता पर सवाल
हालांकि भारतीय नागरिकों की अमेरिका यात्रा को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं लगा है, लेकिन वीजा प्रक्रिया में देरी की वजह से बहुत से छात्रों, नौकरीपेशा और पर्यटकों को अपने अमेरिका जाने के कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया को सार्वजनिक करने के नियम से कई लोगों की निजता को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। इस नए नियम और प्रतिबंधों का मकसद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है, ताकि सभी वीजा आवेदक देश के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद साबित हों।
भारतीयों को वीजा मिलने में देरी
बता दें कि भारत इस प्रतिबंध सूची में नहीं है और भारतीय नागरिकों के लिए अमेरिका के सभी वीजा जैसे बी1/बी2 (टूरिस्ट वीजा), एच1बी (वर्क वीजा), और एफ1 (स्टूडेंट वीजा) जारी किए जा रहे हैं। हालांकि, भारत में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों पर वीजा आवेदन बहुत ज्यादा हैं, जिसकी वजह से इंटरव्यू के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर वीजा इंटरव्यू की बुकिंग 10 से 12 महीने पहले तक पूरी हो चुकी है।
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12 देशों के नागरिकों पर लगाया था यात्रा प्रतिबंध
गौरतलब है कि अमेरिका लगातार अपने वीजा को लेकर सुरक्षा और जांच प्रक्रिया सख्त करने में लगा है। इससे पहले भी बीते नौ जून को अमेरिका ने 12 देशों के नागरिकों को पूरी तरह से अमेरिका का वीजा देने पर रोक लगा दी गई है। इन 12 देशों की सूची में अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, रिपब्लिक ऑफ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, एरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल है।
वहीं सात अन्य देशों के लिए कुछ वीजा श्रेणियों में कड़े नियम लागू किए गए हैं। इसमें बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला का नाम शामिल है। ध्यान रहे कि अमेरिका की तरफ से यह कदम उन देशों को लेकर उठाया गया है जिन्हें वो अपने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरे माना है।