अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शानाहन ने अन्य देशों की प्रौद्योगिकी चुराने की चीन की कोशिशों और दक्षिण चीन सागर में चौकियां बनाने को लेकर उसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने यहां तक कहा कि बीजिंग के खराब बर्ताव का खात्मा होना चाहिए।
पैट्रिक शानाहन ने अंतररराष्ट्रीय मंच पर अपने पहले बड़े संबोधन में चीन और उत्तर कोरिया की चेतावनियों की तीखे शब्दों में निंदा की और कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अमेरिका हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व लाने के लिए अमेरिका लाखों डॉलर का निवेश करने के लिए भी तैयार है।
यद्यपि उन्होंने अपने शुरुआती संबोधन में खासतौर पर चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन क्षेत्र में विवादित द्वीप में उन्नत हथियार तंत्र स्थापित करने की चीनी गतिविधियों का जिक्र करके शानहन ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका निशाना किस पर है। अमेरिकी कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘कोई भी देश हिंद-प्रशांत में प्रभुत्व कायम नहीं कर सकता और न ही करना चाहिए।’