अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की लोकप्रियता में सात प्रतिशत की गिरावट आई है। यह पोल न्यूज एजेंसी रॉयटर्स व आईपीएसओएस के द्वारा किया गया। सामने आया है कि अफगानिस्तान में अमेरिका समर्थन वाली सरकार के गिरने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन के नेतृत्व से लोग नाखुश हैं। साप्ताहिक पोल के आंकड़े सोमवार को जारी किए गए, जिसमें 46 प्रतिशत लोगों ने जो बाइडन का समर्थन किया। जबकि, एक सप्ताह पहले शुक्रवार को 53 प्रतिशत लोग उनके समर्थन में थे।
पूर्व राष्ट्रपतियों की नीति को सराहा
पोल में आधे से भी कम अमेरिकी नागरिकों ने जो बाइडन के अफगानिस्तान में सैन्य व राजनैतिक प्रयासों का समर्थन किया। ज्यादातर लोगों का मानना है कि पिछले दो दशकों में अमेरिका ने एक ट्रिलियन से भी ज्यादा पैसा अफगानिस्तान में सैन्य प्रयासों में खपाया है और पिछले तीन राष्ट्रपतियों ने वहां पर छिड़े युद्ध का बेहतर नेतृत्व किया था। हालांकि, रिपब्लिक व डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों के मतदाताओं का कहना है कि अफगानिस्तान में हुई अराजकता इस बात का संकेत थी कि अमेरिका को अफगानिस्तान को छोड़ देना चाहिए। जो बाइडन की लोकप्रियता में यह कमी तालिबान के काबुल पर कब्जा जमाने के बाद गिरी है।
अफगानिस्तान पर अमेरिकी नागरिकों के अलग-अलग मत
तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा जमाने के बाद अमेरिकी नागरिकों के अलग-अलग मत हैं। 75 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों ने अफगानिस्तान में स्थिति को सुधारने के लिए अतिरिक्त सैन्य दल भेजे जाने का समर्थन किया है। इतने ही प्रतिशत लोग उन अफगान नागरिकों को भी बाहर निकालने की मांग कर रहे हैं, जिन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मदद की।
सर्वेक्षण में 18 से 65 वर्ष तक की आयु के लोग शामिल हुए। इसमें 68 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में रहती या न रहती, यह युद्ध इसी बर्बरता के साथ समाप्त होना था। वहीं 61 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अमेरिका को समय पर सैनिकों की वापसी पूरी कर लेनी चाहिए थी। 51 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अफगानिस्तान में एक और साल अमेरिकी सैनिकों का रहना सही नहीं था, वहीं 50 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अमेरिका को अपने सैनिक तालिबान से लड़ने के लिए भेजने चाहिए थे।
44 प्रतिशत लोगों ने बाइडन की अफगान नीति की सराहना की है तो वहीं 51 प्रतिशत लोगों का मानना है कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा व डोनाल्ड ट्रंप ने बेहतर तरीके से अफगानिस्तान में युद्ध का नेतृत्व किया।