अमेरिका-चीन के बीच कोरोना वायरस उत्पत्ति से लेकर हांगकांग में कारोबार तक तनाव बढ़ता जा रहा है। चीन की बढ़ती दादागीरी के खिलाफ अमेरिका ने नौसेना के दो एयरक्राफ्ट वाहक युद्धपोत दक्षिण चीन सागर में भेज दिए हैं। इन जंगी विमानों ने क्षेत्र में युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। चीन यहां पहले से ही सैन्य अभ्यास कर रहा है जिसकी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और पड़ोसी देशों ने आलोचना की है।
दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन ने हिंद-प्रशांत में समर्थन देते हुए अपना ऑपरेशन और अभ्यास शुरू कर दिया है। अभी यह नहीं बताया गया है कि 900 मील के इस क्षेत्र में युद्धाभ्यास कहां पर किया जा रहा है। अमेरिका के रियर एडमिरल जॉर्ज एम. विकॉफ ने बताया, हमारा मकसद अपने सहयोगियों को स्पष्ट संकेत देना है कि हम क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बता दें कि पिछले सप्ताह चीन ने पैरासेल द्वीप के पास 1 जुलाई से पांच दिनों के लिए सैन्य अभ्यास के संचालन का एलान किया था। इस द्वीप पर वियतनाम और चीन दोनों ही अपना दावा करते हैं। जबकि इसी क्षेत्र में दो अमेरिकी जंगी विमान वाहक युद्धपोत चौबीसों घंटे हमला करने की क्षमता का परीक्षण करेंगे। चीन-अमेरिका के सैन्य जहाज एक ही क्षेत्र में एक समय पर अभ्यास करेंगे, यह बेहद ही तनावपूर्ण मौका होगा।