पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में करीब तीन करोड़ दर्शकों तक पहुंच रखने वाला एक अरबी भाषा का समाचार चैनल और ऑनलाइन आउटलेट शनिवार को अचानक बंद हो गया और इसके कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। चैनल ने अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और अरबपति कारोबारी एलन मस्क पर वित्त पोषण (फंडिंग) में गैर-जिम्मेदाराना और गैरकानूनी तरीके से कटौती करने का आरोप लगाया।
'अल-हुर्रा न्यूज' के कर्मचारियों को उनकी बर्खास्तगी के बारे में नोटिस भेजे गए। जिसमें चैनल के प्रमुख जेफरी गेडमिन ने कहा कि उन्होंने अब यह उम्मीद छोड़ दी है कि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) द्वारा स्वीकृत धनराशि पर ट्रंप प्रशासन की रोक जल्द हटेगी।
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गेडमिन ने अल-हुर्रा, वॉयस ऑफ अमेरिका और विदेश में अन्य अमेरिकी वित्त पोषित समाचार कार्यक्रमों की देखरेख करने वाली अमेरिकी सरकारी एजेंसी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियुक्त कैरी लेक पर आरोप लगाया कि उन्होंने फंडिंग में कटौती के बारे में बात करने के उनके प्रयासों को लगातार नजरअंदाज किया।
बर्खास्तगी पत्र में गेडमिन ने लिखा, मुझे अब यही लगता है कि वह (कैरी लेक) जानबूझकर हमें उस फंड से वंचित कर रही हैं, जिससे हम आप जैसे मेहनती और समर्पित कर्मचारियों को वेतन दे सकें। यह पत्र एसोसिएटेड प्रेस को प्राप्त हुआ और अल-हु्र्रा की मूल कंपनी मिडिल ईस्ट ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क की वेबसाइट पर भी साझा किया गया।
दुबई स्थित 'अल-हुर्रा' न्यूज वेबसाइट में कार्यरत मिस्र के पत्रकार मोहम्मद अल-सबाघ ने 'एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि चैनल और वेबसाइट के सभी कर्मचारियों को ईमेल के जरिए अनुबंध समाप्त होने की सूचना दी गई है।
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'अल-हुर्रा' उन कई अमेरिकी सरकार द्वारा वित्तपोषित न्यूज़ संस्थानों में शामिल है, जिन्हें हाल ही में फंडिंग में कटौती का सामना करना पड़ा है। इसमें 'वॉयस ऑफ अमेरिका', 'रेडियो फ्री यूरोप/लिबर्टी', 'रेडियो फ्री एशिया' जैसे नाम शामिल हैं। इन संस्थानों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन और एलन मस्क के सरकारी दक्षता विभाग ने बजट रोक दिया है।
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