अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) रॉबर्ट ओ ब्रायन ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन की तरफ से चीन के खिलाफ एक और बड़ा हमला किया। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तुलना रूस के क्रूर तानाशाह जोसेफ स्टालिन से की जिसकी नीतियों के कारण लाखों लोग मारे गए थे।
ओ ब्रायन ने चेतावनी देते हुए कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी प्रोपेगैंडा के माध्यम से अमेरिकियों का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। वह बड़ी चीनी कंपनियों के जरिए उनके ‘सबसे निजी डेटा’ का संग्रह करती है और यहां तक की उसने हॉलीवुड पर भी सेल्फ-सेंसरशिप का दबाव डाला।
ब्रायन ने कहा कि चीन सीमाओं से परे रहने वाले लोगों के दिमाग को नियंत्रित करने का प्रयास करता रहता है। कम्युनिस्ट पार्टी व्यापार का उपयोग अपने फरमानों का अनुपालन करने के लिए करता है।
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ब्रायन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए है और अमेरिका में चीनी प्रभाव को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए छह कदमों की रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है।
जहां अमेरिकी एनएसए ने अमेरिका में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पैठ के बारे में खुलकर बताया है, वहीं उनके भारतीय समकक्ष अजित डोभाल ने दिल्ली स्थित थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में एक पेपर लिखा है जिसमें ‘दुश्मन देशों’ में पीएलएल के खुफिया प्रवेश की जानकारी है।
डोभाल ने अपने पेपर में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की संरचना और लोकतांत्रिक देशों में एक उपकरण के तौर पर प्रोपेगैंडा के उपयोग की व्याख्या की है। इसके एक प्रमाण की अब अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्राजील में पहचान हो रही है।