एटलस-5 रॉकेट के जरिये अंतरिक्ष में भेजा गया लूसी अंतरिक्ष यान 12 वर्ष तक सक्रिय रहते हुए करीब 6.3 अरब किलोमीटर की यात्रा करेगा। इस पूरे अभियान में 73 अरब रुपये (981 मिलियन डॉलर) का खर्च आएगा।
बृहस्पति ग्रह की कक्षा में मौजूद हजारों क्षुद्रग्रहों के साथ सात ट्रोजन क्षुद्रग्रहों के अध्ययन के लिए नासा ने शनिवार को लूसी नाम के अंतरिक्ष यान को रवाना किया। बृहस्पति की कक्षा में मौजूद ये रहस्यमय क्षुद्रग्रह सौर मंडल के निर्माण की गुत्थियों को सुलझाने में मददगार हो सकते हैं, क्योंकि ये ग्रहों के निर्माण के बाद बचे अवशेषों का हिस्सा हैं।
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एटलस-5 रॉकेट के जरिये अंतरिक्ष में भेजा गया यह यान 12 वर्ष तक सक्रिय रहते हुए करीब 6.3 अरब किलोमीटर की यात्रा करेगा। इस पूरे अभियान में 73 अरब रुपये (981 मिलियन डॉलर) का खर्च आएगा।
पहला लक्ष्य : ट्रोजन क्षुद्रग्रहों का अध्ययन। इन्हें ट्रोजन इसलिए बोला जाता है, क्योंकि ये बृहस्पति के आगे-पीछे छिपकर सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
इसका नाम इथियोपिया में मिले करीब 32 लाख वर्ष पुराने इंसानी कंकाल के नाम पर रखा गया है। तब कंकाल का नाम बीटल्स के गाने 'लूसी इन द स्काई विद डायमंड' के नाम पर रखा गया था। इस गाने के बोल अंतरिक्ष यान में एक पट्टिका पर अंकित किए गए हैं।
यान के एक विज्ञान उपकरण के लिए हीरे से बनी एक डिस्क भी लगी है।