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अमेरिका: भारत ने संभाली यूएनएससी की अध्यक्षता, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला होगा मुख्य एजेंडा

Mon, 02 Aug 2021 03:02 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, न्यूयॉर्क/नई दिल्ली/हैदराबाद

सार

  • यूएनएससी की एक बैठक की अध्यक्षता करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे मोदी
  • टीएस तिरुमूर्ति परिषद के कार्यक्रमों पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संवाददाता करेंगे सम्मेलन 
  • भारत ने यूएनएससी की अध्यक्षता फ्रांस की जगह संभाली 
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद - फोटो : social media
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विस्तार
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भारत ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की कमान संभाल ली। वह एक महीने तक इस वैश्विक संस्था की अध्यक्षता करेगा। आज भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बतौर अध्यक्ष कार्य शुरू करेगा।

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यूएनएससी की एक बैठक की अध्यक्षता करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे मोदी
इस एक महीने के कार्यकाल के दौरान उसका फोकस समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद से मुकाबले पर रहेगा। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएनएससी की एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। ऐसा करने वाले वह देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे। 

भारत ने यूएनएससी की अध्यक्षता फ्रांस की जगह संभाली है। अपने पहले कार्यकारी दिवस आज संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति महीने भर के परिषद के कार्यक्रमों पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन करेंगे।
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संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, तिरुमूर्ति संयुक्त राष्ट्र के उन सदस्य देशों को भी कार्य विवरण उपलब्ध कराएंगे जो परिषद के सदस्य नहीं हैं। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत और फ्रांस के ऐतिहासिक और घनिष्ठ संबंध हैं। सुरक्षा परिषद में हमारे कार्यकाल के दौरान उन्होंने हमें जो समर्थन दिया, उसके लिए मैं फ्रांस को धन्यवाद देता हूं। 

उन्होंने कहा कि हमारे लिए उसी महीने में सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालना विशेष सम्मान की बात है, जिस महीने हम अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। हमारी अध्यक्षता के दौरान, भारत तीन उच्चस्तरीय हस्ताक्षर बैठक आयोजित कर रहा है। इसमें समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद से मुकाबला शामिल हैं।

भारत शांति के रखवालों की याद में एक कार्यक्रम का भी करेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के एजेंडे में सीरिया, इराक, सोमालिया, यमन और मध्य पूर्व सहित कई महत्वपूर्ण बैठकें होंगी। सुरक्षा परिषद लेबनान में सोमालिया, माली और संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल पर भी महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी अपनाएगा।

उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा भारत की उच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा परिषद के लिए इस मुद्दे पर समग्र रूप से रुख अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शांति स्थापना का विषय शांति रक्षा में हमारी अपनी लंबी और अग्रणी भागीदारी को देखते हुए दिल के करीब है।

साथ ही कहा कि भारत शांति रक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के विषय पर ध्यान केंद्रित करेगा विशेषकर बेहतर प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से और उसका ध्यान इस बात पर भी रहेगा कि शांति रक्षकों के खिलाफ अपराध करने वाले दोषियों को कानून के हवाले किया जाए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहने वाले देश के रूप में, भारत आतंकवाद को रोकने के प्रयासों पर लगातार बल देता रहेगा।

अगले साल दिसंबर में भारत फिर करेगा अध्यक्षता

सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर भारत का दो साल का कार्यकाल एक जनवरी, 2021 को शुरू हुआ था। अगस्त की अध्यक्षता सुरक्षा परिषद के गैर स्थायी सदस्य के तौर पर 2021-22 कार्यकाल के लिए भारत की पहली अध्यक्षता होगी। भारत अपने दो साल के कार्यकाल के अंतिम महीने यानी अगले साल दिसंबर में फिर से परिषद की अध्यक्षता करेगा।

मौजूदा लीडरशिप फ्रंट से नेतृत्व करना चाहती है : अकबरुद्दीन
संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जो यूएनएससी की किसी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इससे पहले 1992 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने यूएनएससी की बैठक में शामिल हुए थे। उन्होंने यूएनएससी में यह हमारा आठवां कार्यकाल है।

उन्होंने कहा कि 75 साल में पहली बार है जब हमारे राजनीतिक नेतृत्व ने यूएनएससी के किसी कार्यक्रम की अध्यक्षता करने में दिलचस्पी दिखाई है। यह दिखाता है कि लीडरशिप अब फ्रंट से नेतृत्व करना चाहती है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह एक वर्चुअल बैठक है, फिर भी यह हमारे लिए ऐतिहासिक है। 

रूस और फ्रांस ने दी बधाई

भारत में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने ट्वीट कर कहा कि भारत के एजेंडे से वास्तव में प्रभावित हूं, जिसमें समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद विरोधी वैश्विक मुद्दों को शामिल किया गया है। फलदायी और प्रभावी काम की उम्मीद है।

वहीं भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनैन ने कहा कि हम समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद से मुकाबले जैसे रणनीतिक मुद्दों पर भारत के साथ काम करने और नियम आधारित बहुपक्षीय प्रणाली को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देशों ने यूएनएससी की अध्यक्षता संभालने के लिए भारत को बधाई दी। 

भारत हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थक रहेगा : जयशंकर
भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिलने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि हम अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर रचनात्मक कार्य करना चाहते हैं। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, भारत हमेशा संयम की आवाज बना रहेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन और बातचीत की वकालत करता रहेगा।
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पाकिस्तान और चीन चिढ़े

यूएनएससी की अध्यक्षता भारत को मिलने से पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन चिढ़ गए हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हाफिज चौधरी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारत अपने कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष होकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि चूंकि भारत ने इस पद को संभाल लिया है, हम उसे एक बार फिर से यह याद दिलाना चाहते हैं कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जम्मू-कश्मीर पर प्रस्तावों को लागू करे।

भारत ऐसे समय पर सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बना है जब अफगानिस्तान में पाकिस्तान के समर्थन से तालिबान खूनी हिंसा कर रहा है। पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के मुताबिक, भारत के अध्यक्ष रहने का मतलब यह है कि पाकिस्तान एक महीने तक कश्मीर के मामले पर कोई भी चर्चा सुरक्षा परिषद में नहीं कर पाएगा।

इसी वजह से वह चिढ़ा हुआ है। दूसरी ओर भारत के आतंकवाद विरोधी अभियान और समुद्री सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा कराने से चीन नाराज हो सकता है क्योंकि दक्षिण चीन सागर समेत हिंद-प्रशांत महासागर में उसकी बढ़ती गतिविधियां निशाने पर आ सकती हैं।
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