अमेरिका ने पाकिस्तान के ‘खतरनाक’ परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को मदद करने वाली पाकिस्तान और यूएई की कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री विलबर रॉस ने कहा, पाकिस्तान में विध्वंसक हथियार कार्यक्रम को मदद पहुंचाने के लिए गैरकानूनी तरीके से अमेरिकी टेक्नोलॉजी खरीदने का प्रयास करने वाली कंपनियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाल ही में पाकिस्तान से लौटे रॉस ने कहा, जिन लोगों ने ऐसा किया हम उनका पता लगा रहे हैं। वाणिज्य विभाग ऐसे छह लोगों और 18 कंपनियों की सूची बना रहा है, जिन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, पाकिस्तान के असुरक्षित परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों व रूस के सैन्य आधुनिकीकरण में मदद की है। सूची में ईरान के पांच अधिकारी और एक कंपनी, चीन की पांच, पाकिस्तान की नौ और संयुक्त अरब अमीरात की पांच कंपनियां हैं।