पाकिस्तान के कोर्ट में एक अमेरिकी नागरिक की मौत पर अमेरिका ने दुख और आश्चर्य जताया है। अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि वो अपने ईश-निंदा कानून और न्यायालय प्रणाली में सुधार लाए जो ऐसे अपराध करने की अनुमित देता है। अमेरिका के डिप्टी प्रवक्ता केल ब्राउन ने कहा कि अमेरिकी नागरिक ताहिर नसीम की पाकिस्तान में हुई मृत्यु से हम हताश, दुखी और नाराज हैं।
ब्राउन ने कहा कि अमेरिकी सरकार की तरफ से साल 2018 में नसीम को हिरासत में लेने के बाद उन्हें और उनके परिवार को दूतावास संबंधी सहायता प्रदान की गई है और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले को लेकर लगातार बात की गई है कि वो नसीम का ऐसे निंदनीय परिणामों में बचाव करें।
ब्राउन ने कहा कि हमें नसीम के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं, हम पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वो अपने यहां ईश-निंदा कानून और न्यायालय प्रणाली में सुधार करे ताकि ऐसे निंदनीय कार्यों को अंजाम ना दिया जा सके। इसके अलावा पाकिस्तान से कहा गया है कि वो संदिग्ध अपराधी पर कानून के तहत अभियोग लगाया जाए।
बुधवार को पाकिस्तान के एक न्यायालय में ताहिर अहमद नसीम को गोली मार दी गई है, उसका ईश-निंदा कानून के तहत ट्रायल चल रहा था। ताहिर अल्पसंख्यक समुदाय अहमदी समुदाय से था। एक युवा आक्रमणकारी जिसका नाम खालिद खान है, कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद कोर्ट में घुसा, उसने ताहिर को गोली मार दी। हालांकि बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
नसीम को दो साल पहले ईश-निंदा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान में सदियों से अहमदिया मौत, डर और धमकी भरे माहौल में रह रहे हैं। पाकिस्तान में इनकी आबादी 40 लाख के आस-पास होगी। पाकिस्तान का विवादित ईश-निंदा कानून किसी को भी मृत्यु की सजा सुना सकता है जो उनके भगवान, इस्लाम और दूसरे धार्मिक तत्वों का अपमान करते हैं।
पाकिस्तान में कई अल्पसंख्यक आबादी जैसे हिंदू, सिख, अहमदिया और क्रिस्चियन ममुदाय के लोगों को ईश-निंदा कानून के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है।