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Venezuelan: 'रिहाई के कुछ घंटे बाद ही सहयोगी का अपहरण हुआ'; वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो का गंभीर आरोप

Mon, 09 Feb 2026 11:07 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

वेनेजुएला में पिछले एक महीने से राजनीतिक हलचल जारी है। इसी बीच विपक्षी नेता ने सोमवार को सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंनेकहा कि जेल से रिहा होने के कुछ घंटों बाद ही उनके सबसे करीबी सहयोगियों में से एक का अपहरण कर लिया गया।
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मारिया कोरिना मचाडो - फोटो : एक्स/मारिया कोरिना मचाडो
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विस्तार
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वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने सोमवार को कहा कि जेल से रिहा होने के कुछ घंटों बाद ही उनके सबसे करीबी सहयोगियों में से एक का अपहरण कर लिया गया। सरकार ने रविवार को  नजरबंद विपक्ष के कई प्रमुख सदस्यों को जेल से रिहा कर दिया था। वहीं, मचाडो ने सोशल मीडिया पर कहा कि जुआन पाब्लो गुआनिपा को राजधानी काराकास के एक आवासीय इलाके में आधी रात के आसपास अगवा कर लिया गया था।

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जबरदस्ती अपने साथ ले गए- मचाडो
उन्होंने एक्स पर लिखा “भारी हथियारों से लैस, सादे कपड़ों में चार वाहनों में आए और उसे जबरदस्ती अपने साथ ले गए।” “हम उसकी तत्काल रिहाई की मांग करते हैं।” विपक्षी नेताओं की रिहाई ऐसे समय में हुई है जब कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की सरकार पर उन सैकड़ों लोगों को रिहा करने का दबाव बढ़ रहा है। इनकी गिरफ्तारी महीनों या वर्षों पहले उनकी राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी हुई थी। यह रिहाई संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के प्रतिनिधियों की वेनेजुएला यात्रा के बाद हुई है।
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जेल के बाहर लगे नारे 
सोमवार की सुबह इस मामले पर टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोध पर सरकार के प्रेस कार्यालय ने तत्काल मेंं कोई जवाब नहीं दिया। 3 जनवरी को अमेरिकी सेना द्वारा तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद रोड्रिगेज ने वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उनकी सरकार ने कुछ दिनों बाद कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया। रविवार को  कुछ लोग अपने प्रियजनों की रिहाई का इंतजार कर रहे। उन्होंने हम नहीं डरते! हम नहीं डरते! के नारे लगाए और थोड़ी दूर तक पैदल मार्च किया।
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पूर्व राज्यपाल गुआनिपा ने अपनी रिहाई के कुछ घंटों बाद पत्रकारों से कहा था, "मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश पूरी तरह बदल चुका है। मुझे पूरा यकीन है कि अब हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें।" गुआनिपा ने हिरासत में आठ महीने से अधिक समय बिताया था।

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