जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे अमेरिकी संगठन आम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (एआईसी) ने कार्यक्षेत्र में जातिगत भेदभाव को लेकर न्यायमित्र बनाए जाने का अनुरोध करने वाली एक याचिका कैलिफोर्निया सुप्रीम कोर्ट में दायर की है।
दलित होने के चलते पिछले साल एक भारतीय को करना पड़ा भेदभाव का सामना
एआईसी ने कहा कि इस मामले की सुनवाई उन लोगों के जीवन को प्रभावित करेगी, जिन्हें जाति के आधार पर भेदभाव का शिकार होना पड़ता है। बता दें कि न्यायमित्र वह संगठन या व्यक्ति होता है, जो मामले में कोई पक्षकार नहीं होता, लेकिन उसे अपना रुख रखने के लिए या मामले संबंधी कोई तथ्य रखने के लिए अदालत को सलाह देने की अनुमति दी जाती है।
‘कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ फेयर एम्प्लायमेंट एंड हाउसिंग’ (डीएफईएच) बनाम सिस्को सिस्टम्स इंक, सुंदर अय्यर एवं रमना कोम्पेला कार्यक्षेत्र में जातिगत भेदभाव के मामले की सुनवाई नौ मार्च को होनी है।
कैलिफोर्निया नियामकों ने पिछले साल मुकदमा दायर करते हुए कहा था कि कंपनी के सिलिकॉन वैली मुख्यालय में एक इंजीनियर को एक दलित भारतीय होने के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ा था। एआईसी ने इस मामले में अपनी सलाह देने और जातिगत भेदभाव पर विस्तार से जानकारी देने के लिए न्यायमित्र बनाए जाने का अनुरोध किया है।