Indo-US counter narcotics working group: भारत और अमेरिका नशा-रोधी वर्किंग ग्रुप की छत्रछाया में नशीली दवाओं की मांग में कमी के विषयों को शामिल करने और नशीली दवाओं के तस्करी नेटवर्क द्वारा डायवर्ट अनियमित रसायनों से जूझने के लिए सहयोग पर भी सहमत हुए।
भारत-अमेरिका में नारकोटिक्स नियंत्रण और कानून प्रवर्तन सहयोग के क्षेत्र में एक संशोधित पत्र समझौते (एएलओए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया, सात-आठ जुलाई को नई दिल्ली में भारत-अमेरिका काउंटर-नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप की तीसरी बैठक में दस्तखत किए गए।
विज्ञापन
अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक साझा बयान में कहा गया कि एनसीबी महानिदेशक सत्य नारायण प्रधान ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई की और व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति के निदेशक के वरिष्ठ सलाहकार कैंप चेस्टर ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
बयान के मुताबिक, कानून प्रवर्तन, नीति निर्माण, दवा की मांग में कमी और अन्य नशीली दवाओं से संबंधित मामलों के लिए जिम्मेदार संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने नशीली दवाओं की मांग, नशे की तस्करी और आपराधिक जांच पर सहयोग से संबंधित व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों में कानून प्रवर्तन समन्वय, नियामक मामलों और द्विपक्षीय सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की।
विज्ञापन
कई मुद्दों पर सहमति
भारत और अमेरिका नशा-रोधी वर्किंग ग्रुप की छत्रछाया में नशीली दवाओं की मांग में कमी के विषयों को शामिल करने और नशीली दवाओं के तस्करी नेटवर्क द्वारा डायवर्ट अनियमित रसायनों से जूझने के लिए सहयोग पर भी सहमत हुए। दोनों पक्षों ने मादक पदार्थों की तस्करी और संबंधित अपराधों से निपटने में सूचना-साझाकरण और क्षमता निर्माण पर घनिष्ठ सहयोग पर भी चर्चा की।