विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार
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क्या बोला भारतीय विदेश मंत्रालय?
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर उनसे मध्यस्थता करने का आग्रह किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने साफ कहा, कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है और इस पर तीसरे पक्ष का कोई दखल मंजूर नहीं किया जा सकता।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा, हमने मीडिया में अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान देखा है कि अगर भारत और पाकिस्तान कहें तो वे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने को तैयार हैं।
प्रवक्ता के मुताबिक, इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से कभी किसी तरह का आग्रह नहीं किया। यह भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ सारे मसलों पर सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत की जा सकती है।
साथ ही किसी भी तरह के संवाद के लिए पाकिस्तान को सीमापार आतंकवाद पर लगाम लगानी होगी। कुमार ने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दे शिमला समझौते और लाहौर घोषणापत्र के आधार पर ही हल किए जा सकते हैं।
क्या बोला अमेरिकी विदेश मंत्रालय?
ट्रंप के कश्मीर पर बयान के बाद उनकी चारों ओर आलोचना होने लगी। जिसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सफाई दी। मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर मुद्दा अमेरिका और भारत का द्विपक्षीय मुद्दा है।
पाकिस्तान को आतंकवाद खत्म करने की सलाह
हाउस कमिटी में विदेश मामलों के अमेरिकी प्रतिनिधि और चेयरमैन एलिओट एल. एंजल ने पाकिस्तान को आकंतवाद को खत्म करने की सलाह दी है। उन्होंने पाकिस्तान को कहा है कि भारत से बातचीत करने के लिए पहले अपनी धरती पर मौजूद आतंकवाद को खत्म करने के लिए मजबूत कदम उठाओ। अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्ष वर्धन श्रंग्ला से बातचीत में उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने ये बयान ट्रंप के कश्मीर पर झूठे दावे के बाद दिया।