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Afghanistan: तालिबान का तुगलकी फरमान, रमजान के दौरान बजाया संगीत तो बंद कराया महिला रेडियो स्टेशन

Mon, 03 Apr 2023 03:19 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

संस्कृति निदेशक मोएजुद्दीन अहमदी का कहना है कि रेडियो स्टेशन बार-बार इस्लामिक एमिरेट्स के कानूनों का उल्लंघन कर रहा था। रमजान के महीने में संगीत बजाकर भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है। 
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अफगानिस्तान का महिला रेडियो स्टेशन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तालिबान शासन में अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति दिनों-दिन दयनीय होती जा रही है। अब खबर आई है कि तालिबान ने अफगानिस्तान के उत्तर पश्चिमी इलाके में स्थित एकमात्र महिला रेडियो स्टेशन को बंद करने का आदेश दिया है। तालिबान का आरोप है कि महिला रेडियो स्टेशन से रमजान के पवित्र महीने के दौरान संगीत बजाया गया। हालांकि महिला रेडियो स्टेशन ने इन आरोपों को खारिज किया है। अल जजीरा के हवाले से यह खबर आई है। 
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रमजान में संगीत बजाने की सजा!
खबर के अनुसार, अफगानिस्तान का रेडियो स्टेशन सदाई बनोवन बीते दस सालों से संचालित हो रहा था। सादाई बनोवन का अर्थ महिलाओं की आवाज से है। इस रेडियो स्टेशन के आठ कर्मचारियों में से छह महिलाएं थी। उत्तर पश्चिमी प्रांत के सूचना और संस्कृति निदेशक मोएजुद्दीन अहमदी का कहना है कि रेडियो स्टेशन बार-बार इस्लामिक एमिरेट्स के कानूनों का उल्लंघन कर रहा था। रमजान के महीने में संगीत बजाकर भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है। जिसके तहत रेडियो स्टेशन को बंद कर दिया गया है। 

रेडिय स्टेशन ने आरोपों को नकारा
अहमदी ने ये भी कहा कि अगर रेडियो स्टेशन भविष्य में इस्लामिक एमिरेट्स के कानूनों का पालन करने की गारंटी देता है तो उन्हें फिर से संचालन की अनुमति दी जा सकती है। वहीं महिला रेडियो स्टेशन की मैनेजर रहीं नाजिया सोरोश ने कानून के उल्लंघन के आरोपों को नकारा है और कहा है कि साजिश के तहत उनके रेडियो स्टेशन को बंद किया गया है। रमजान के महीने में संगीत बजाने के आरोपों से नाजिया सोरोश ने इनकार किया। 
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अफगानिस्तान सरकार के पतन और तालिबान के सत्ता में आने के बाद से वहां मानवाधिकारों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। खासकर महिलाओं और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। 
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