Afghanistan-Pakistan Conflict: अफगानिस्तान की तरफ से और पाकिस्तान की कई चौकियों और एक मुख्यालय पर कब्जे का दावा किया गया है। अफगानिस्तानी सरकार के उप प्रवक्ता के अनुसार, डूरंड लाइन से तोरखम गेट तक बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। इसमें 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का भी दावा किया गया है।
अफगानिस्तानी सरकार की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान का दावा किया गया है। उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि खोस्त प्रांत के अलीशेर-तेरेजी जिले में बाबरक पोस्ट के तहत अंजर सर इलाके में स्थित पाकिस्तानी शासन के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया गया है। उनके अनुसार इस कार्रवाई में दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं और बड़ी मात्रा में हथियार अफगान बलों के हाथ लगे हैं।
डूरंड लाइन से तोरखम गेट तक कार्रवाई
इसके बाद एक्स पर एक अन्य अपडेट में उन्होंने कहा कि डूरंड लाइन पर व्यापक जवाबी सैन्य अभियान को शुरू किया गया है। यह कार्रवाई 203 मंसूरी कॉर्प्स और 201 खालिद बिन वलीद कॉर्प्स की तरफ से पक्तिया, पक्तिका, खोस्त, कुनर, नूरिस्तान और नंगरहार प्रांतों के कई इलाकों में और तोरखम गेट पर की जा रही है। इस पोस्ट में फितरत की तरफ से दावा किया गया है कि अब तक एक मुख्यालय और 19 चौकियों पर कब्जा किया जा चुका है। चार चौकियां खाली कर दी गईं और उन्हें पूरी तरह जला दिया गया।
विज्ञापन
उनके मुताबिक 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जिनमें से 23 के शव और कुछ अन्य सैनिकों को जिंदा हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा दर्जनों हल्के और भारी हथियार जब्त, एक टैंक नष्ट किया गया और एक इंटरनेशनल हार्वेस्टर वाहन कब्जे में लेने का भी उन्होंने दावा किया है। उप प्रवक्ता के बयान में कहा गया है कि जवाबी सैन्य अभियान अभी जारी है और आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी।
दावे पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का इंतजार
उनके अनुसार इस कार्रवाई में दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कहां है खोस्त प्रांत?
खोस्त प्रांत अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ इलाका है, जहां पहले भी दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर तनाव और झड़पें होती रही हैं। इससे पहले पाकिस्तान ने 22 फरवरी को अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों में भीषण हवाई हमले किए थे। उसका कहना था कि ये हमले पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर किए गए हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री तरार ने बताया था कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी।