अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) के प्रमुख तादामिची यामामोतो ने कहा है कि देश में युद्ध समाप्ति के बाद ही स्थानीय लोगों के समृद्ध भविष्य की कल्पना की जा सकती है। अफगानिस्तान में हिंसक संघर्ष लंबे समय से जारी है और पिछले एक दशक में ही एक लाख से ज्यादा लोग हताहत हुए हैं।
मिशन प्रमुख यामामोतो ने अफगानिस्तान में टिकाऊ शांति व मानवाधिकारों की रक्षा के लिए वार्ता के संकल्प को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं व युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि अफगान नागरिकों के नेतृत्व में होने वाली शांति प्रक्रिया का वे अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, लेकिन युद्ध की समाप्ति के बाद ही अफगानिस्तान में समृद्ध भविष्य के लिए वास्तविक उम्मीद बन पाएगी। अफगानिस्तान के लाखों आम नागरिकों – युवा व वृद्ध, महिला व पुरूष, लड़कियां व लड़कों - की आशाएं और आकांक्षाएं उन कंधों पर टिकी हैं जो स्थाई राजनीतिक निपटारे के जरिए युद्ध का अंत करने के प्रयासों में जुटे हैं।
यूएन मिशन प्रमुख ने दुख जाहिर किया कि अफगानिस्तान में जारी लड़ाई का खामियाजा यहां की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
'संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षकारों से आग्रह करता है कि स्थाई राजनैतिक समाधान और युद्धविराम के रास्ते में हिंसा, विशेषकर आम लोगों को हानि पहुंचाने वाली हिंसा के स्तर को कम करने के रास्तों की तलाश करने की आवश्यकता है।'
तादामिची यामामोतो ने कहा कि हिंसा रुकने से एक ऐसा माहौल बनेगा जिससे अफगान समुदाय के विभिन्न धड़ों में रचनात्मक वार्ता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। यूएन मिशन के आंकड़े दर्शाते हैं कि पिछले दस वर्षों में हिंसक संघर्ष में एक लाख से ज्यादा आम लोग हताहत हुए हैं।