अफगानिस्तान में इन दिनों राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहा है। वहीं, सरकार विरोधी और हिंसात्मक कार्यों में लगा आतंकी संगठन तालिबान हर बार की तरह इस बार भी चुनाव का बहिष्कार कर रहा है।
साल 2014 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में तालिबान ने वोट डालने पर सफीउल्लाह सफी नाम के एक व्यक्ति के दाएं हाथ की अंगुली काट दी थी। इस बार के चुनाव में उसने बाएं हाथ से वोट डाला।
उसने कहा कि मेरे लिए यह एक दर्दनाक अनुभव था। तालिबान ने केवल एक अंगुली ही काटी जब मेरे बच्चों और देश के भविष्य की बात आती है तो मैं अपना पूरा हाथ काटकर भी नहीं बैठूंगा।
उसने बताया कि 2014 में वोट देने के बाद राजधानी काबुल जाने के दौरान रास्ते में तालिबान ने मुझे पकड़ लिया। मेरे हाथ पर स्याही लगी थी इसलिए मुझे कार से निकाला और सड़क से दूर ले गए, जहां उन्होंने अदालत लगाई।
उन्होंने यह कहते हुए मेरी अंगुली काट दी कि मैंने उनकी चेतावनी के बावजूद चुनाव में हिस्सा लिया। इसके बावजूद मैंने इस बार बाएं हाथ से चुनाव में वोट डाला है।