विद्रोहियों के आखिरी गढ़ पंजशीर पर कब्जे के दावे के बाद अब पूरे अफगानिस्तान पर तालिबान का नियंत्रण हो गया है। तालिबान ने कहा कि नई सरकार का गठन जल्द कर लिया जाएगा। इससे पहले सुबह तालिबान ने पंजशीर के प्रांतीय गवर्नर हाउस पर तालिबानी झंडा फहराने का एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि उसने पूरे पंजशीर पर कब्जा कर लिया है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट ऑफ अफगानिस्तान (एनआरएफए) का नेतृत्व कर रहे अहमद मसूद और पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह पड़ोसी मुल्क ताजिकिस्तान भाग गए हैं। वहीं मसूद ने अपने ट्विटर संदेश में कहा है कि वह सुरक्षित हैं, लेकिन इसके अलावा कोई ब्योरा नहीं दिया। मसूद ने कहा कि तालिबान का जीत का दावा झूठा है और हमारी जंग जारी है। उन्होंने लोगों से पूरे अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ विद्रोह करने की अपील की।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजशीर पर नियंत्रण करने में तालिबान को पाकिस्तान की वायुसेना और ड्रोन की भरपूर मदद मिली। तालिबानी लड़ाकों ने रातोंरात पंजशीर के आठ जिलों पर कब्जा कर लिया। उल्लेखनीय है कि शनिवार को ही आईएसआई चीफ फैज हमीद काबुल पहुंच कर तालिबानियों के साथ ऑपरेशन में जुट गया। रविवार को भारी बमबारी के बाद अंतत: पंजशीर पर तालिबान का कब्जा हो गया। बताया जाता है हवाई हमले के बाद पूर्व उपराष्ट्रपति सालेह तजिकिस्तान भाग गए।
जंग के जंजाल से निकला देश : तालिबान
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के विरोध का आखिरी किला भी फतह कर लिया है। आखिरकार देश जंग के भंवर से बाहर आ गया है। हमारी जनता को शांति और स्वतंत्रता का खुशहाल जीवन मिलेगा। मुजाहिद ने पंजशीर के लोगाें को भरोसा दिलाया कि उनके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
सरकार के गठन समारोह के लिए छह देशों को भेजा न्योता
अफगानिस्तान में तालिबान अब सरकार गठन के लिए बड़ी तैयारी में जुट गया है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तालिबान ने चीन, पाकिस्तान, तुर्की, कतर, रूस और ईरान को निमंत्रण भेजा है। भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने के बार-बार दावे के बावजूद हालांकि उसने न्योता नहीं भेजा है। तालिबान ने पंजशीर पर नियंत्रण प्राप्त करने के बाद समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भेजा।
पाकिस्तान सहित किसी देश को दखलंदाजी की इजाजत नहीं
तालिबान ने दो टूक कहा है कि वह अफगानिस्तान के अंदरूनी मामलों में पाकिस्तान सहित किसी भी देश को हस्तक्षेप करने की इजाजत नहीं देगा। इस बीच उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रमुख फैज हमीद के अपने नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर से मुलाकात की पुष्टि की है। दरअसल पिछले हफ्ते हमीद के अघोषित कार्यक्रम के तहत अचानक काबुल पहुंचने के बाद अफगानिस्तान के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी का सवाल खड़ा हुआ है। अफगानिस्तान के खामा न्यूज के हवाले से कहा गया है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद हमीद पहला ऐसा विदेशी उच्च अधिकारी है, जिसने काबुल का दौरा किया है।
अफगानिस्तान पर पीएम मोदी ने की उच्चस्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात की समीक्षा के लिए गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। प्रधानमंत्री के आवास पर सोमवार को हुई यह बैठक तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर पूर्ण नियंत्रण की घोषणा के बाद बुलाई गई। तालिबान का चीन और पाकिस्तान के साथ संभावित सहयोग भारत के लिए चिंता का कारण माना जा रहा है।