पाकिस्तान में अफगान शरणार्थी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और रोजमर्रा की जिंदगी व बाजार में दुर्व्यवहार की वजह से देश छोड़ने के मूड में हैं। भारत के साथ अफगानिस्तान के मजबूत रिश्तों की वजह से इस शरणार्थियों को पाकिस्तान में गालियां सुननी पड़ रही है। पहले तो पाकिस्तानी इन्हें ‘काबुली’ कहकर बुलाते थे लेकिन जब से भारत और अफगानिस्तान की दोस्ती और प्रगाढ़ हुई हैं, पाकिस्तानियों ने हदें पार कर दी हैं। अब पाकिस्तानियों ने अफगान शरणार्थियों को ‘हिंदू’ कहकर बुलाना शुरू कर दिया है।
पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों का एक परिवार पेशे से दर्जी है, उसके मुखिया समिहुल्लाह ने देश छोड़ने के संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि बाजार में उन्हें लगातार दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तरी पाकिस्तान के शहर मनशेहरा में शरणार्थियों के परिवार में जन्में समिहुल्लाह और उनके परिवार के लोगों को कभी पाकिस्तान की नागरिकता नहीं मिली और हमेशा उन्हें अफगान माना जाता है।