कोलंबिया में फार्क विद्रोहियों के साथ हुए शांति समझौते को वहां की जनता ने जनमत संग्रह में नकार दिया है। हैरान करने वाले नतीजे में 50.24 प्रतिशत लोगों ने समझौते के विरोध में मतदान किया।
पिछले सप्ताह कोलंबिया के राष्ट्रपति ख्वान मानवेल सांतोस और फार्क विद्रोही गुट के नेता टिमोलियोन जिमेनेज ने चार साल चली शांति वार्ता के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
लेकिन इसे लागू होने के लिए कोलंबिया की जनता का अनुमोदन जरूरी था। देश की राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए फार्क विद्रोही 52 साल से चल रहे हिंसक संघर्ष को समाप्त करने के लिए तैयार हो गए थे।
राष्ट्रपति सांतोस ने चेतावनी दी थी कि युद्ध को समाप्त करने की उनके पास कोई दूसरी योजना नहीं है। गौरतलब है कि कोलंबिया में जारी गृहयुद्ध में 260,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।