अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह ने खुद को अफगानिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर लिया है। उन्होंने यह फैसला तब लिया जब राष्ट्रपति अशरफ गनी मुल्क छोड़कर भाग चुके हैं। सालेह का कहना है कि वह आखिरी दम तक तालिबान से लड़ेंगे और अपने मुल्क को कभी तालिबान के हवाले नहीं होने देंगे। वैसे आधिकारिक तौर पर भले ही अभी तक अफगानिस्तान में कोई सरकार न हो लेकिन अमरुल्ला सालेह के इस दावे ने अफगान नागरिकों में उम्मीद की एक नई किरण पैदा कर दी है।
वह अफगानियों के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बन कर उभरे हैं क्योंकि उन्होंने विद्रोही तालिबान के साथ नई लड़ाई की कसम खाई है। सालेह अपने देश में ही हैं और वे काबुल के नजदीक उस पंजशीर घाटी से अपनी रणनीति बना रहे हैं जहां कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता। इसलिए पहले यह समझिए कि कितनी भयावह है पंजशीर घाटी।
कितनी खतरनाक है पंजशीर घाटी
पंजशीर की घाटी नॉर्दन अलायंस के पूर्व कमांडर अहमद शाह मसूद का गढ़ है। अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में से एक पंजशीर देश के उत्तर-पूर्वी इलाके का हिस्सा है। राजधानी काबुल के नजदीक स्थित यह घाटी भौगौलिक दृष्टि से बेहद खतरनाक मानी जाती है। चारों तरफ से ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों से घिरे इस इलाके में बीच में मैदानी भाग है। अफगानिस्तान के लोग इसे भूल-भूलैया वाली और भूतिया जगह मानते हैं। यही वजह है कि 1980 से लेकर 2021 तक इसपर कभी भी तालिबान का कब्जा नहीं हो सका।
इतना ही नहीं, सोवियत संघ और अमेरिका की सेना भी इस इलाके में केवल हवाई हमले ही कर पाई। यहां की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए न तो तालिबान और न ही किसी दूसरे देश की सेना की इतनी हिम्मत हो सकी कि वह इस पर कोई जमीनी कार्रवाई कर सके। अभी भी तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है लेकिन पंजशीर इलाके में घुसने की उसने हिमाकत नहीं की।
क्यों है सालेह अफगानिस्तान के सबसे बड़े हीरो
संकट में अपने नागरिकों को छोड़कर खुद मुल्क से भाग जाने वाले राष्ट्रपति अशरफ गनी को लोग जहां लानत-मलानत भेज रहे हैं, वहीं अमरूल्ला सालेह के लिए लोग दुआएं मांग रहे हैं। दरअसल सालेह तालिबान के सबसे बड़े विरोधी माने जाते हैं। अगर तालिबान किसी से डरता है तो वह सालेह ही है। अमरुल्ला सालेह ने अपने ट्विटर पर लिखा, "मैं उन लाखों लोगों को निराश नहीं करूंगा जिन्होंने मेरी बात सुनी। मैं तालिबान के साथ कभी भी एक छत के नीचे नहीं रहूंगा। कभी नहीं।" एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मैं किसी भी कीमत पर तालिबान के आगे नहीं झुक सकता।