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Pakistan: नौ मई को हुई घटनाओं के जिम्मेदारों पर कार्रवाई, अब इमरान के गले तक पहुंचेंगे पाकिस्तानी सेना के हाथ?

Tue, 27 Jun 2023 05:00 PM IST
शिवेंद्र तिवारी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

नौ मई की घटनाओं के दौरान ड्यूटी में लापरवाही दिखाने के आरोपी सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की घोषणा करने के बाद सोमवार को सेना के प्रवक्ता ने कहा कि अब उन घटनाओं के ‘योजनाकारों और मास्टमाइंड’ पर शिकंजा कसा जाएगा। 
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नौ मई को हुई घटनाओं के सिलसिले में एक तीन स्टार जनरल सहित दो बड़े अधिकारियों की बर्खास्तगी और 102 सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई का एलान करने के बाद पाकिस्तान की सेना ने साफ संकेत दिया है कि अब उसका निशाना पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान हैं। बीते नौ मई को खान को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद देशभर में उनके हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए थे और सेना के ठिकानों और प्रतीक स्थलों पर हमले किए थे। 
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नौ मई की घटनाओं के दौरान ड्यूटी में लापरवाही दिखाने के आरोपी सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की घोषणा करने के बाद सोमवार को सेना के प्रवक्ता ने कहा कि अब उन घटनाओं के ‘योजनाकारों और मास्टमाइंड’ पर शिकंजा कसा जाएगा। सेना के बयान में यह भी कहा गया है कि नौ को हुई घटनाओं की जिम्मेदारी उन लोगों पर है, जिन्होंने गुजरे महीनों में सेना के खिलाफ माहौल बनाया था।

पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से इमरान खान ने लगातार सेना नेतृत्व के खिलाफ मुहिम चला रखी थी। उनका आरोप है कि उनकी सरकार गिराने में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा का हाथ था, जिन्होंने विदेशी शक्तियों (यानी अमेरिका) से मिलीभगत कर सरकार गिराने की कार्रवाई का संचालन किया। इमरान खान की सरकार गिरने के बाद उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर सेना को निशाने पर बनाए रखा था। पाकिस्तान के इतिहास में इसे अभूतपूर्व घटना बताया गया था, जहां परंपरा सेना को आलोचना से ऊपर रखने की रही है।
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सेना के बयान में बताया गया है कि सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर ने सेना के कमांडरों की एक बैठक आयोजित की, जिसमें देश की वर्तमान स्थिति पर कमांडरों ने अपनी राय रखी। इसमे देश के लिए देशी और विदेशी तथा परंपरागत और नए खतरों पर विस्तार से चर्चा हुई। 

सेना के बयान में कहा गया- ‘विरोधी शक्तियां और उनकी शह पर भड़काऊ कार्रवाई वाले लोग देश में सामाजिक विभाजन पैदा करने और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा फर्जी खबरों और झूठे प्रचार के जरिए किया जा रहा है। कौम के समर्थन से ऐसे इरादों को सेना पराजित करती रहेगी।’

पर्यवेक्षकों के मुताबिक सेना के बयान के तेवर से स्पष्ट है कि उसने अपना रुतबा फिर से कायम करने के लिए सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है। इसके तहत शुरुआत अपने अधिकारियों पर कार्रवाई से की गई है, लेकिन अब निशाने पर इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता आएंगे। इसके पहले सेना ने पीटीआई को कमजोर करने के लिए पार्टी नेताओं पर दबाव बनाया, जिस कारण बड़ी संख्या में नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। समझा जाता है कि सेना उन नेताओं को बख्श देगी, लेकिन जो नेता अभी भी इमरान खान के साथ हैं, उन पर शिकंजा कस जाएगा।

मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक सेना ने अपने अंदरूनी ढांचे में भी बदलाव लाने की योजना बनाई है। इसके लिए आधुनिक तकनीक की सहायता ली जाएगी। सेना ने फैसला लिया कि ‘देश की सुरक्षा’ पर मंडराते खतरों के मद्देनजर वह अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करेगी।
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