खबरों के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर की कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने में नाकाम रही हैं। लेकिन अब उन्हें सख्ती दिखाने का नया मौका मिलेगा। अगर बड़ी कंपनियों ने बाइडन के ताजा आदेश को आधार बना कर अपने यहां टीकाकरण अनिवार्य किया, तो उससे छोटी कंपनियां भी ऐसा करने के लिए प्रेरित होंगी।
जानकारों के मुताबिक कई बड़ी कंपनियों की पहले से इच्छा रही है कि उनके सभी कर्मचारी टीका लगवा लें। लेकिन वैक्सीन विरोधी भावना के आगे वे लाचार रही हैं। अब ऐसी कंपनियों को नए सिरे से प्रयास करने का मौका मिला है। एक खबर के मुताबिक तेल क्षेत्र की बड़ी कंपनी शेल ऐसा नियम लागू करने पर विचार कर रही है, जिसके तहत टीका ना लगवाने वाले कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। उधर डेल्टा एयरलाइंस ने कहा है कि जो कर्मचारी टीका लगवाने से इनकार करेंगे, उनसे कंपनी स्वास्थ्य बीमा अधिभार (सरचार्ज) वसूलेगी।
लेकिन कुछ खबरों में बताया गया है कि वैक्सीन को लेकर संदेह की भावना देश में इतनी गहरी है कि हो सकता है कि कई कर्मचारी टीका लगवाने के बजाय नौकरी छोड़ना पसंद करें। इससे कंपनियों के सामने कर्मचारियों के अभाव की चुनौती आ सकती है। लेकिन जो बाइडन ने ऐसी तमाम संभावनाओं और आशंकाओं के बीच टीकाकरण के पक्ष में एक मजबूत फैसला लिया है। इसका आम तौर पर स्वागत किया गया है।