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वैज्ञानिकों का दावा: उच्च आर्र्दता वाले मौसम में कम हो जाएगा कोविड-19 का प्रसार

Fri, 27 Mar 2020 03:54 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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coronavirus Live Updates - फोटो : PTI
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गर्म और आर्द्रता वाला मौसम कोरोना वायरस बीमारी के प्रसार को कम कर सकता है। एमआईटी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए शोध में कहा गया है कि एशियाई देशों में मानसून आने से वायरस के प्रसार में कमी आएगी। भारत में इस वायरस के कारण 10 लोगों की और दुनिया में 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है।

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मैसाचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के दो शोधकर्ताओं ने इस वर्ष 22 मार्च तक कोविड-19 के सक्रमण डाटा का विश्लेषण किया। जिसमें उन्होंने पाया कि मामलों के दो मापदंडों, तापमान और आर्द्रता के साथ सहसंबंध हैं। अध्ययन में पाया गया है कि 90 प्रतिशत मामले 3 से 17 डिग्री के बीच तापमान वाले देशों में रिपोर्ट किए गए और यहां और 4 से 9 जी/एम3 के बीच पूर्ण आर्द्रता थी।
 
शोधकर्ता युसूफ जमील ने कहा, ‘तापमान, आर्द्रता और प्रसार के बीच संबंध समय के साथ विकसित हो रहा है। तापमान और कोरोना वायरस के प्रसार के बीच संबंध कमजोर दिख रहा है क्योंकि हमारे पास अमेरिका के गर्म राज्यों जैसे फ्लोरिडा और लुइसियाना और गर्म देशों जैसे ब्राजील, भारत, मलयेशिया से कई नए मामले आ रहे हैं। आर्द्रता एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है क्योंकि मेरा पेपर सुझाव देता है लेकिन प्रयोगशाला में इसकी पुष्टि की जानी चाहिए।’
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वहीं भारतीय अधिकारी आर्र्दता नहीं मापते हैं। इस महीने दिल्ली में औसत सापेक्ष आर्द्रता 47 प्रतिशत, मुंबई में 60 प्रतिशत रही है। सापेक्ष आर्द्रता हवा में जलवाष्प का एक अनुपात है जो किसी दिए गए तापमान पर वाष्प की अधिकतम मात्रा को पकड़ सकता है।

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