दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका को अल कायदा ने वर्ष 2001 में 9/11 को विमान हमले से दहला दिया था। महज 102 मिनट में 2763 लोगों की जान चली गई थी।
दुनिया के युवाओं को ये जानना जरूरी है कि कैसे आतंकियों ने अपनी क्रूरता से अमेरिका ही नहीं पूरी दुनिया को दहला दिया था। राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के नेतृत्व में अमेरिका ने आतंक के खिलाफ 2001 में लड़ाई शुरू की। राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अमेरिका ने अपने ऊपर हुए इस हमले का बदला अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का अंत कर के लिया लेकिन आतंक के खिलाफ दो दशक से चली आ रही उसकी लड़ाई फिर उसी मोड़ पर आ गई है, जहां से शुरू हुई थी।
क्या हुआ था 9/11 हमलों के दिन, आतंकियों ने कैसे दिया था अंजाम?
अल-कायदा के आतंकियों ने 11 सितंबर 2001 की सुबह चार विमानों को हाईजैक कर लिया था। इन सभी का मकसद विमानों को अलग-अलग ऐतिहासिक स्थलों पर क्रैश कराने का था। सबसे पहला क्रैश अमेरिकन एयरलाइन फ्लाइट 11 का हुआ था, जो कि न्यूयॉर्क शहर में सुबह 8.46 बजे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तरी टावर से टकराई थी। इसके 17 मिनट बाद ही यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 175 बिल्डिंग के दक्षिणी टावर से टकराई।
हाई अलर्ट जारी होने के बावजूद सुबह करीब 9.37 बजे अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 77 वॉशिंगटन स्थित अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से टकराई। चौथे हाईजैक हुए विमान यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93 का लक्ष्य व्हाइट हाउस या यूएस कैपिटल बिल्डिंग को निशाना बनाने का था, लेकिन यात्रियों से भिड़ंत की वजह से आतंकियों के हाथ से विमान का नियंत्रण छूट गया और यह पेन्सिलवेनिया के शैंक्सविल में मैदानी इलाके में गिर गया।
9/11 को हुई इन चार घटनाओं में 2977 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 19 हाईजैकर भी शामिल रहे। जो लोग मारे गए उनमें चार विमानों में सवार 246 लोग, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और उसके आसपास के इलाके में 2606 लोग और पेंटागन में मौजूद 125 लोग शामिल थे। मारे गए ज्यादातर लोग आम नागरिक थे, लेकिन राहत और बचाव कार्य के दौरान 344 बचावकर्मी, 71 पुलिसकर्मी और 55 सैन्यकर्मी भी मारे गए थे।
हमलों के बाद क्या घटनाक्रम हुए?
बताया जाता है कि जिस वक्त अमेरिका में 9/11 के हमले हुए थे, उस वक्त राष्ट्रपति जॉर्ज बुश फ्लोरिडा में थे, लेकिन शाम 7 बजे तक व्हाइट हाउस को सुरक्षित कर दिया गया और रात 9 बजे उन्होंने राष्ट्रपति भवन के ओवल ऑफिस से राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। बताया जाता है कि 9/11 हमलों के बाद अमेरिका ने दुनियाभर से आतंकवाद को खत्म करने का बीड़ा उठा लिया। इसी सिलसिले में उसने लेबनान से लेकर इराक तक से आतंकी हमलों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
इस हमले का कनेक्शन आतंकी संगठन अल-कायदा से मिलने के बाद अमेरिका को जो जानकारी मिली, उसके मुताबिक, हमलों की साजिश अफगानिस्तान में रची गई और अल-कायदा के आतंकियों और गुट के सरगना ओसामा बिन-लादेन को अफगानिस्तान में कुछ साल पहले ही गठित हुई तालिबान सरकार का समर्थन हासिल था।
11 सितंबर 2001
अल कायदा के 19 आतंकियों ने 4 विमान हाईजैक कर अमेरिका पर आत्मघाती हमला किया।
समय : सुबह 8:45 बजे
मंगलवार का दिन
अमेरिकी एयरलाइंस का बोइंग जिसमें 75708 लीटर जेट ईंधन था, वो न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तरी टॉवर से टकराया। 110 मंजिला इमारत की 80वीं मंजिल आग का गोला बन चुकी थी।
18 मिनट बाद
अमेरिकी विमान बोइंग-767 की फ्लाइट संख्या 175 अचानक आसमान से गायब हुआ। विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दक्षिणी टॉवर की 60वीं मंजिल से टकराया तब स्पष्ट हुआ कि ये आतंकी हमला है।
9:45 बजे
अमेरिकी एयरलाइंस का विमान 77 अमेरिकी सेना के हेड क्वार्टर पेंटागन के पश्चिमी हिस्से से टकराया। इसमें 125 सैन्यकर्मी और विमान में सवार 64 लोगों की जान गई थी।
पूरे अमेरिका में मच गया था कोहराम
स्टील और पत्थर के मजबूत ढांचे पर बने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का 321 किमी. गति की हवा और आग भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती थी, लेकिन जेट फ्यूल ने उसे तबाह कर दिया।