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China: एनएसए डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति से की मुलाकात, कई देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से भी मिले

Tue, 24 Jun 2025 03:59 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।

सार

China: चीन में एसएसओ की सुरक्षा परिषद के सचिवों की 20वीं बैठक में एनएसए अजित डोभाल ने चीन के उप राष्ट्रपति हान झेंग और अन्य कई प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात की। यह मुलाकात बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में हुई। 
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एनएसए अजित डोभाल - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने चीन के उप राष्ट्रपति हान झेंग के साथ मुलाकात की। यह मुलाकात बीजिंग में 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में हुई, जहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सुरक्षा परिषद के सचिवों की 20वीं बैठक हो रही थी। चीन में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि डोभाल इस बैठक में शामिल अन्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ हान झेंग से मिलने पहुंचे थे।
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एससीओ में डोभाल ने कहा, सीमापार आतंकवाद फैलाने वाले अपराधियों, साजिशकर्ताओं और उनका वित्तपोषण करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बैठक में डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों को भी छोड़ने का आह्वान किया। पाकिस्तान में आतंकवादियों को निशाना बनाने वाले भारतीय सेना के सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एनएसए ने कहा, भारत की कार्रवाई नपी-तुली थी और संघर्ष को बढ़ावा देने वाली नहीं थी। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए सूचना साझा करने का भी आह्वान किया। 

इससे पहले, डोभाल ने रूसी रक्षा परिषद के उपसचिव अलेक्जेंडर वेनेदिक्तोव के साथ भी एससीओ की सुरक्षा परिषद के सचिवों की 20वीं बैठक के दौरान मुलाकात की। दोनों देशों ने आपसी संबंध, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की। रूसी पक्ष ने कहा कि वह जल्द ही रणनीतिक वार्ता के अगले दौर के लिए डोभाल का रूप में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। दोनों पक्षों ने भारत और रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के आधार पर आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने की जोर दिया। 
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चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी की डोभाल ने मुलाकात
डोभाल ने सोमवार को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की थी। इस दौरान डोभाल ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों पक्षों ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम की समीक्षा की। साथ ही आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसमें लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा हुई ताकि दोनों देशों के संबंध मजबूत हो सकें। बैठक में डोभाल ने साफ कहा कि आतंकवाद का कोई भी रूप बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है ताकि पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रह सके। 
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