फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

One District one product: पश्चिम बंगाल के 23 जिलों के 58 उत्पादों का चयन, लाभार्थियों ने सुनाए अपने अनुभव

Fri, 10 Feb 2023 05:51 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

One District one product: ओडीओपी के अधिकारी हार्दिक सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत हर राज्य के हर जिले को उनके उत्पादों के हिसाब से पहचान मिले और इन उत्पादों को बनाने वालों को रोजगार और बाजार मिले, यही इसका उद्देश्य है...
विज्ञापन
One District one product - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) के तहत पश्चिम बंगाल के 23 जिलों के 58 उत्पादों को चुना गया है। भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के इस उपक्रम में पूरे देश के जिलों को इसमें शामिल किया जा रहा है। ओडीओपी के अधिकारी हार्दिक सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत हर राज्य के हर जिले को उनके उत्पादों के हिसाब से पहचान मिले और इन उत्पादों को बनाने वालों को रोजगार और बाजार मिले, यही इसका उद्देश्य है। भारत के परंपरागत उत्पादों को विश्व बाजार मिले। इस दौरान विश्व बांग्ला के साथ जुड़े हुए उत्पाद निर्माताओं ने भी अपने-अपने अनुभव साझा किए।

सिंह ने कहा, पश्चिम बंगाल के 23 जिलों के 58 उत्पादों को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से इन जिलों के प्रसिद्ध उत्पादों को इसमें शामिल किया गया है। आत्म निर्भर भारत की कल्पना के तहत स्थानीय उत्पाद निर्माताओं को उनका मेहताना और उनको बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इससे सीधा लाभ उन हस्तशिल्पी, कालाकारों, परंपरागत उद्योग को बढ़ावा देने वाले लोगों को मिल रहा है। इसके साथ ही, सरकार की ओर से यह दिशा-निर्देश दिया गया है कि भारत सरकार की ओर से विदेशी मेहमानों जो भी सम्मान अब दिया जा रहा है कोशिश की जा रही है कि ये सम्मान इन्हीं निर्माताओं द्वारा निर्मित परंपरात उत्पाद को दिया जा रहा है। इससे जहां इसका बाजार बढ़ रहा है, उसके साथ ही भारतीय पुरातन पारंपरिक उत्पादों का परिचय विश्व के लोगों से हो रहा है। विदेशी लोग भारतीय हस्तकला को नजदीक से जान पाएंगे।

उन्होंने बताया कि देश के 671 जिलों में से 1095 उत्पादों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर कोई निर्माता रह गया है तो और इससे जुड़ना चाहता है तो उसे भी मौका दिया जाएगा। शिल्पकारों को हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों टीम राज्यों का दौरा कर, इसकी जानकारी साझा कर रही है। सरकार ने इसके प्रचार और प्रसार के लिए पीआईबी के समझौता किया है। पीआईबी हर राज्य में सरकार का सहयोग कर रही है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

One District one product - फोटो : Amar Ujala

इस दौरान विश्व बांग्ला के सहयोग से सुंदरवन क्षेत्र में शहद का उत्पाद करने वाले प्रलय सामंत ने कहा, सरकार के सहयोग से हमारे जंगलों में रहने वाले लोगों को काफी फायदा हुआ। कुछ ही वर्षों में इसका लाभ देखने को मिला। सुंदरवन क्षेत्र में 72 परिवार के साथ शुरू हुआ यह सफर आज करीब 150 परिवारों तक पहुंच गया है। हम लोग विशुद्ध शहद का उत्पादन करते हैं। विश्व बांग्ला के सहयोग से यह संभव हो पाया है।

इसी तरह से आदिवासी क्षेत्र पुरुलिया के छउमुख (मास्क) बनाने वाले धर्मेंद्र ने कहा, एक समय था जब मैं और मेरा परिवार एक-एक पैसों के लिए तरस गए थे। हम छउमुख तो बनाते थे, लेकिन यह पता नहीं था कि इसे कैसे आगे बढ़ाना है। बच्चों को चावल का पानी पिलाना पड़ता था। लेकिन विश्व बांग्ला के सहयोग से मेरे दिन फिरे। सरकार की ओर से मुझे मास्क बनाने के ऑर्डर मिले, और आज का दिन है कि मेरे पास अपना घर है। लगातार ऑर्डर मिलने से मेरे परिवार के दिन फिरे। आज मेरे साथ अन्य लोग भी इसे बना रहे हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें