खंड के गांव गढी गुजरान की बेटी सविता संधू अब नेशनल के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगी। 15 से 24 जुलाई तक कनाडा केसरी में होने वाली वर्ल्ड सॉफ्टबाल चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी। टीम की 18 लड़कियों में वह अकेली हरियाणा से है। सविता ने उम्मीद जताई है कि वह गोल्ड लेकर आएगी।
अमर उजाला के साथ बातचीत में सविता ने बताया कि इंडिया टीम में हरियाणा की ओर से उनकी ज्वाईनिंग जनवरी 2016 में इंदौर में हुए ट्रायल में हुई थी। वह इंटरनेशनल लेवल पर पहले 2011 में ताइवान में खेल चुकी है, जिसमें उनकी टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा था। उसे इंटरजोनल नेशनल सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड व सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल मिले हैं। इंदौर में हुए ट्रायल में इंडिया टीम में उनका सेलेक्शन हुआ है। टीम में हरियाणा से वह अकेली लड़की है और इंडिया टीम में पंजाब, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व गुजरात आदि प्रदेशों से कुल 18 लड़कियां खिलाड़ी हैं।
इरादे हैं मजबूत
किसान परिवार में जन्मी सविता संधू पुत्री सतबीर संधू ने बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए स्वर्ण पदक लाना के लिए इरादे मजबूत कर लिए हैं। परिवार के सहयोग व लग्न से वर्ष 2009 में उनकी भर्ती हरियाणा पुलिस में बतौर कांस्टेबल के पद पर हो गई और वह मधुबन पुलिस में सेवाएं भी दे रही हैं। सॉफ्टबॉल प्रतियोगिताओं में प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन गोल्ड, दो कांस्य व अन्य ढेरों पदक जीतने वाली सविता संधू का लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के गोल्ड मेडल जीतना है। सविता संधु को अब लोग सैम के नाम से भी जानने लगे हैं। ग्रामीण आंचल में पली-बढ़ी सविता ने महज 16 साल की उम्र में खेलना शुरू किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब वह सरी (कनाडा) में 15 से 24 जुलाई के बीच होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में इंडिया की ओर से खेलेगी।