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Bangladesh Elections Results 2026: BNP नेता ने भारत से की शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग

Sat, 14 Feb 2026 05:45 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

बांग्लादेश की सियासत में आए भूचाल के बाद अब एक नया कूटनीतिक अध्याय शुरू होता दिख रहा है। आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने साफ संकेत दे दिए हैं कि सत्ता संभालते ही उसका पहला बड़ा एजेंडा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रत्यर्पण होगा। सवाल सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा तय करने वाला भी है।

बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी भारत से औपचारिक रूप से शेख हसीना को ट्रायल के लिए बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने का आग्रह करेगी। उनका कहना है कि यह मामला दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों के बीच तय कानूनी प्रक्रिया के तहत सुलझाया जाना चाहिए।

बीएनपी का तर्क है कि हसीना के कार्यकाल में हुए कथित दमन और भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष सुनवाई जरूरी है। पार्टी ने भारत से सहयोग की उम्मीद जताई है, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि न्यायिक प्रक्रिया से पीछे हटने का सवाल नहीं उठता।

13वें राष्ट्रीय चुनाव में बीएनपी की ऐतिहासिक जीत
बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय चुनाव में बीएनपी ने 300 में से 212 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत से कहीं आगे निकल गई। वहीं जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 77 सीटें मिलीं। अन्य दलों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश को एक सीट और सात सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते।

गौरतलब है कि पूर्व सत्ताधारी अवामी लीग को इस चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई थी। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार गिर गई थी, जिसके बाद से देश राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा के दौर से गुजर रहा था।

मोदी-तारिक बातचीत: रिश्तों में नई शुरुआत?
चुनाव परिणाम आने के बाद भारत की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान से फोन पर बातचीत कर जीत की बधाई दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश देते हुए कहा कि भारत और बांग्लादेश ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़े पड़ोसी हैं और दोनों देश शांति, प्रगति और विकास के लिए साथ काम करते रहेंगे। बीएनपी की ओर से भी भारत को धन्यवाद देते हुए कहा गया कि नई सरकार के तहत द्विपक्षीय रिश्ते और मजबूत होंगे।

क्या बदलेगा भारत-बांग्लादेश समीकरण?
रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव परिणाम दोनों देशों के रिश्तों के लिए सकारात्मक संकेत है। पिछले करीब 18 महीनों से दोनों देशों के संबंधों में जो ठंडापन देखा जा रहा था, उसमें अब सुधार की संभावना है।

हालांकि, शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग इस संबंध में पहली बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है। भारत और बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संधि मौजूद है, लेकिन किसी पूर्व प्रधानमंत्री को लेकर फैसला राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों स्तर पर संवेदनशील होगा।

कानून, कूटनीति और राजनीति का त्रिकोण
बीएनपी का दावा है कि वह कानूनी दायरे में रहकर ही कदम उठाएगी। लेकिन यह भी सच है कि शेख हसीना लंबे समय तक भारत के साथ मजबूत संबंधों की पक्षधर रही हैं। ऐसे में भारत का रुख बेहद अहम होगा।

विश्लेषकों के मुताबिक, यदि दोनों देश संवाद के रास्ते आगे बढ़ते हैं तो यह मुद्दा टकराव की बजाय सहयोग के जरिए हल हो सकता है। फिलहाल, ढाका और नई दिल्ली के बीच औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद उम्मीदों का नया दौर शुरू हुआ है। लेकिन यह साफ है कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश संबंधों की असली परीक्षा बनेगी।

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