काशीपुर में एक व्यक्ति ने कर्मचारी पर मंडी समिति सचिव पद का प्रभार गलत तरीके से प्राप्त करने का आरोप लगाकर सीएम से शिकायत की है। वहीं कर्मचारी ने उन पर लगाए आरोपों को खारिज किया है। मोहल्ला रजवाड़ा निवासी राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेज कर कहा कि मंडी अधिनियम का मूल उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का पारदर्शी, प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य दिलाना एवं उनकी उपज की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत मंडियों में नीलामी चबूतरे का निर्माण किसानों की उपज के भंडारण व नीलामी प्रक्रिया के संचालन को किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में मंडी समिति के सहायक लेखा अधिकारी पूरन सिंह सैनी अनाधिकृत रूप से सचिव पद का प्रभार प्राप्त कर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी व्यापारिक हितों को साधने के लिए उपयोग में ला रहे हैं। आरोप है कि सैनी ने नीलामी चबूतरे को गलत तरीके से व्यापारियों को आवंटित कर मंडी अधिनियम एवं उसके उद्देश्य के विपरीत कार्य करते हुए किसानों के हितों को गंभीर क्षति पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीलामी चबूतरे के व्यापारिक उपयोग पर तत्काल रोक लगाने, सचिव पद की अनियमित नियुक्ति एवं उससे संबंधित निर्णयों की उच्चस्तरीय जांच कराने, मंडी परिसर में पारदर्शिता, नियमों के अनुपालन एवं किसानों के हितों की रक्षा के लिए कठोर निर्देश जारी करने, इस प्रकरण में दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, शुक्रवार को उत्तराखंड मंडी समिति कर्मचारी संघ महामंत्री पूरन सैनी ने पत्रकार वार्ता कर उन पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। कहा कि कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव पद पर तैनाती को लेकर विभिन्न माध्यमों से ज्ञात हुआ है। कुछ व्यक्ति विभिन्न स्तरों पर झूठी और मनगढंत शिकायत कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। नीलामी चबूतरें का किराया पूर्व से ही वसूल हो रहा है।