केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में अचानक पूर्व विधायक दिवंगत रावत शैलारानी की बेटी ऐश्वर्य की राय महत्वपूर्ण हो गई है। टिकट की मुराद पूरी न होने के बाद ऐश्वर्य की चुप्पी ने भाजपा और कांग्रेस को अपने-अपने ढंग से प्रभावित किया है। ऐश्वर्य रावत ने पार्टी प्रत्याशी के लिए विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार भी किया। शैलारानी रावत के निधन के बाद उनकी राजनीतिक वारिस के रूप में ऐश्वर्य को देखा जा रहा है। वह स्वयं भी मां के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए राजनीति में सक्रिय होने की बात कह चुकी हैं। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में भी उनका नाम चर्चा में रहा। उन्होंने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से टिकट की मांग भी की थी। पर पार्टी हाईकमान ने उपचुनाव में आश्रित को टिकट देने की परिपाटी को बदल दिया और पूर्व विधायक आशा नौटियाल को अपना प्रत्याशी बना दिया।