स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन देहरादून की ओर से ओएनजीसी के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के सहयोग से सिविल अस्पताल रुड़की को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण भेंट किए गए। इन उपकरणों में स्टेराइल कनेक्टिंग डिवाइस (एससीडी) एवं फुल्ली ऑटोमेटेड कंपोनेंट एक्सट्रैक्टर (एफएसीई) शामिल हैं, जो विशेष रूप से कैंसर एवं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के सुरक्षित और प्रभावी उपचार में सहायक सिद्ध होंगे। इन उपकरणों की स्थापना के साथ ही सिविल अस्पताल प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां रक्त संघटन (ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन) से जुड़ी आधुनिक, सुरक्षित और उन्नत तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गंभीर रक्त रोगों से जूझ रहे मरीजों को समय पर बेहतर गुणवत्ता का उपचार मिल सकेगा। बृहस्पतिवार को उपकरणों का औपचारिक लोकार्पण ओएनजीसी के पदाधिकारी नीरज कुमार शर्मा, चंदन, सुशील सजन एवं अरुण सिंह और अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल की ओर से किया गया। मुख्य अतिथि नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि ओएनजीसी प्रदेश में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर योगदान दे रही है। दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना संस्था की प्राथमिकता रही है और भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेगा। स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल कैंसर व थैलेसीमिया जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित बच्चों और मरीजों के लिए जीवन रेखा साबित होगी। संस्थान ने आगे भी जनहित में इस प्रकार के कार्य करते रहने की प्रतिबद्धता जताई।