तहसील सभागार में श्रीनगर में डीएम पौड़ी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस मजाक बन कर रह गया। यहां तहसील सभागार 70 से अधिक अधिकारियों/कर्मचारियों से तो खचाखच भरा रहा, लेकिन फरियादी केवल दो रहे। साढ़े दस बजे से आयोजित होने वाला यह तहसील दिवस साढ़े ग्यारह बजे बाद शुरू हुआ और डीएम के स्वागत के बाद मात्र 10 मिनट में ही समाप्त भी हो गया। तहसील दिवस में पहुंचे नगर निगम के पार्षद संदीप रावत ने नगर निगम के वार्ड 40 में खेल मैदान एवं विद्युत उप संस्थान के लिए भूमि हस्तांतरण की लंबित पत्रावलियों का निस्तारण करने की मांग की डीएम के समक्ष रखी। जिस पर डीएम ने सबंधित विभागों से इसकी जानकारी ली व इसका समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ग्राम प्रधान बछेली कुलदीप सिंह ने सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने व एनआईटी सुमाड़ी में डंपिंग जोन पर मिट्टी डाले जाने से हो रही समस्या के समाधान की मांग की। मौके पर वार्ड 40 के पार्षद संदीप रावत ने कहा कि तहसील दिवस की सूचना तहसील स्तर से उचित माध्यमों के द्वारा नहीं दी जाती है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने एक विभाग के अधिकारी को किसी कार्य से फोन किया तो उनके स्तर से उन्हें तहसील दिवस की जानकारी प्राप्त हो सकी। उन्होंने कहा कि डीएम व सीडीओ सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में होने वाले तहसील दिवस की सूचना भी आम लोगों को नहीं मिल पाना, प्रशासन की कार्य प्रणाली पर कई सवालिया निशान हैं। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने भी तहसील स्तर से तहसील दिवस की सूचना मीडिया को भी न दिए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने तहसील दिवस का प्रचार-प्रसार सही तरीके से न किए जाने व फरियादियों के न आने पर नाराजगी जताई, उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी अपना-अपना समय निकालकर तहसील दिवस में आए हैं, लेकिन फरियादी नहीं हैं। उन्होंने तहसील दिवस पर पहुंचे अधिकारियों को नगर क्षेत्र स्थित अपने-अपने संस्थानों व विभागों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम नुपूर वर्मा को भविष्य में होने वाले तहसील दिवस के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके।