श्रीनगर। नाग पंचमी पर इस बार नगर के पौराणिक नागेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होगी। 17 अगस्त को कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान किए जाएंगे। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। मंदिर के महंत नितिन पुरी ने बताया कि नाग पंचमी पर यह अनुष्ठान विशेष महत्व रखता है। हालांकि वर्षभर श्रद्धालु कालसर्प दोष निवारण के लिए यहां पूजा कराते हैं। भगवान नागेश्वर को चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित किया जाता है। स्कंदपुराण के केदारखंड में भी नागेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि प्राचीन काल में नागों ने यहां शिव की पूजा और प्रसन्न करने के लिए तपस्या की थी। शिव की कृपा से यह स्थान नागेश्वर नाम से प्रसिद्ध हुआ। मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। पुरातात्विक अवशेषों के अनुसार इसका मूल निर्माण 12वीं से 14वीं शताब्दी के बीच हुआ था। 1803 के भूकंप में यह ध्वस्त हो गया था, जिसके बाद इसका पुनर्निर्माण हुआ।