नैनीताल में एक दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में आशा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। बुधवार को आशाओं ने धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को आठ सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन भेजा। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने तल्लीताल डांठ पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार केेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेे खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मानदेय बढ़ोतरी के वादे को पूरा करने, कर्मचारी का दर्जा देते हुए सेवानिवृत्ति पर पेंशन देने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित करने, सेवानिवृत्त होने पर एकमुश्त 10 लाख रुपये देने, विभिन्न कार्यों के संपन्न होने पर हर माह भुगतान करने, अस्पतालों में आशाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने का आदेश पास करने, अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद भरने और अस्पतालों में आशा घर का निर्माण करने की मांग उठाई। इस दौरान संगठन प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल, दुर्गा टम्टा, मुन्नी बिष्ट, कुसुमलता सनवाल, कांति मनराल, सुधा आर्या, हेमा बिष्ट, चंद्रा सती, बबीता, गंगा, माया, सुमन बिष्ट आदि मौजूद रहीं।