पूरे पैनखंडा क्षेत्र और बदरीनाथ धाम में नंदा अष्टमी पर्व को धूमधाम से मनाया जा रहा है। मा नंदा ब्रह्मकमल के रूप में बदरीनाथ, उर्गम सहित अन्य जगह आने पर महिलाओं ने मांगल गीत गाए, पूजा अर्चना के साथ अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए गए। नंदा अष्टमी पर मा नंदा को मायके बुलाने के लिए बदरीनाथ धाम के बामणी गांव, उर्गम घाटी, परसारी, सेलंग, ताला, मेरंग सहित अन्य गांवों के लोग अलग-अलग दिनों पर उच्च हिमालयी क्षेत्र के लिए रवाना हुए। बामणी गांव के फुलारी नीलकंठ पर्वत की ओर गए, जबकि उर्गम क्षेत्र के विभिन्न गावों के ग्रामीण छतोलियों को लेकर मनवाखाल गए। वहीं अन्य जगह के भक्त भी अपने-अपने क्षेत्र के उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए रवाना हुए। रविवार को नंदा अष्टमी पर सभी लोग ब्रह्मकमल लेकर पहुंचे। बामणी गांव में नंदा मंदिर में मा नंदा की मूर्ति को इन फूलों से सजाया गया। बामणी गांव में दो सितंबर तक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। मा नंदा के मायके आने पर महिलाओं ने झूमौलो नृत्य के साथ मांगल गीत गाकर नंदा का आह्वान किया। मा नंदा के पश्वा भगत सिंह ने बताया कि मा नंदा के मायके आने पर नंदा अष्टमी को धूमधाम से मनाया जा रहा है। वहीं उर्गम क्षेत्र के गांवों में ग्रामीण नंदा की छतोलियों के साथ ब्रह्मकमल लेकर पहुंचे। यहां छतोलियों के भूमियाल मंदिर में पहुंचने पर नंदा की विभिन्न पूजाएं संपन्न की गई। वहीं सेलंग सहित कई गांवों में देर शाम को लोग छतोलियां लेकर पहुंचे। जहां धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं और सोमवार को भी पूजा अर्चनाएं की जाएंगी।