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VIDEO: सीएचसी बैजनाथ में महिला चिकित्सक नहीं, विशेषज्ञ चिकित्सकों के अन्य पद भी खाली

बागेश्वर जिले के बैजनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सफेद हाथी साबित हो रहा है। कहने को तो यह अस्पताल लगभग एक लाख की आबादी का मुख्य केंद्र है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी ने इसे केवल रेफरल सेंटर बना दिया है। केंद्र में सबसे बदतर स्थिति गर्भवतियों की है। जिन्हें मामूली परामर्श के लिए भी घंटों का सफर तय कर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। सीएचसी बैजनाथ में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से क्षेत्र की गर्भवतियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रसव पूर्व परामर्श हो या जटिल प्रसव का मामला, डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को सीधे जिला अस्पताल और अल्मोड़ा रेफर कर दिया जाता है। गरीब परिवारों के लिए निजी वाहनों का किराया और बाहर के अस्पतालों का खर्च उठाना दोहरी मार साबित हो रहा है। क्षेत्र में दुर्घटना और फ्रैक्चर होने पर मरीजों को यहां केवल प्राथमिक पट्टी ही नसीब हो रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से जोड़ों के दर्द से परेशान बुजुर्गों को भी राहत नहीं मिल पा रही। केंद्र में दंत रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली होने के कारण दांतों की सफाई और दर्द के मरीजों को निजी क्लीनिकों में जेब ढीली करनी पड़ रही है। गरुड़ क्षेत्र के गांवों की एक लाख की आबादी और चमोली जिले के सीमांत की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बैजनाथ पर निर्भर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में इस उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग केवल आश्वासनों का मरहम लगा रहा है, जबकि धरातल पर डॉक्टर मौजूद नहीं हैं।

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