मारवाड़ी युवा मंच गंगा शाखा के तत्वावधान में रविवार को महमूरगंज स्थित श्रृंगेरी पीठ मठ में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास श्रीधाम वृंदावन से पधारे श्री बाँकेबिहारी मन्दिर के शयन भोग सेवा अधिकारी पूज्य बृजेश गोस्वामी जी ने श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा का श्रवण कराते हुए कहा कि भागवत सिर्फ एक ग्रंथ नही है, यह सिर्फ एक कथा मात्र नही है, बल्कि साक्षात ठाकुर जी का स्वरूप है। कलियुग में जो भी इस कथा को हृदय में धारण कर श्रवण करता है वह सभी बंधनों से मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है कि जीवन को यदि ठाकुर जी के अधीन कर दो तो उसके जीवन रूपी गाड़ी को भगवान अपने अधीन कर लेते है। बाँकेबिहारी पर विश्वास रखो वह कभी भी बिगड़ने नही देगा। बृजेश गोस्वामी ने कहा कि जीवन में व्रत, अनुष्ठान सब कुछ है लेकिन सत्संग नही है तो हरि को प्राप्त करना असंभव है। अपने अंदर का मोह त्याग करने का श्रेष्ठ मार्ग भागवत कथा ही है, जब तक मोह का त्याग नही होगा तब तक प्रभु का अनुराग नही प्राप्त होगा और यह सब सत्संग से ही संभव है। उन्होंने कहा कि जब भगवान भक्ति से प्रसन्न हो तो उनसे भौतिक सुख ना मांगे बल्कि उनकी कथा का प्रसाद मांग ले। उनकी कथा ही सर्वसुख प्रदान करने वाली है। 108 कलश संग निकली पोथी यात्रा- कथा के शुभारंभ पर विशाल पोथी यात्रा निकाली गईं। कथा व्यास पूज्य बृजेश गोस्वामी के पावन सानिध्य में श्रृंगेरी पीठ मठ से भव्य शोभायात्रा शुरू हुई, यात्रा में मुख्य यजमान आनन्द स्वरूप अग्रवाल सिर पर भागवत जी की पोथी धारण किये चल रहे थे। महिलाएँ लाल चुनरी में सिर पर मंगल कलश लिए चल रही थी। उनके पीछे बैंड बाजे की धुन पर नाचते गाते भक्त चल रहे थे। सबसे पीछे घोड़े की बग्घी पर कथा व्यास पूज्य बृजेश गोस्वामी जी विराजमान होकर चल रहे थे। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस श्रृंगेरी मठ आकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में मुख्य रूप से अवधेश खेमका, रवि अग्रवाल पप्पू, विमल केडिया, सुरेश तुलस्यान, कृष्ण कुमार काबरा, मनीष गिनोडिया, अनिल अग्रवाल सलोनी, आनंद प्रकाश डेरोलिया, अनूप अग्रवाल, शरद जैन, श्याम मनोहर लोहिया, भरत अग्रवाल आदि शामिल रहे।