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VIDEO : चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन देवी ज्येष्ठा गौरी का भक्तों ने किया दर्शन

काशी के विभिन्न स्थानों पर स्थित नौ गौरी मंदिरों में हर दिन अलग-अलग देवी के पूजन की मान्यता है। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन देवी ज्येष्ठा गौरी के पूजन-दर्शन का विशेष महत्व है। देवी ज्येष्ठा गौरी के पूजन से सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। काशी के कर्णघंटा क्षेत्र स्थित के 63/24 सप्तसागर मोहल्ले में स्थित इस मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आते है। भोर से मंदिर खुलने के बाद भक्तों की लाइन मां के दर्शन पाने के लिए लग गई और भक्त माला फूल, नारियल चुनरी भोग प्रसाद ले कर मां गौरी का दर्शन किए। पुराणों में है वर्णन। काशी खंड के अध्याय 63 के श्लोक नंबर 20 में वर्णन किया गया है कि जो मनुष्य कल्याण चाहते हैं, उन्हें सर्वप्रथम काशी में ज्येष्ठा देवी की पूजा करनी चाहिए। तत्पश्चात ज्येष्ठा गौरी की पूजा करने से उन्हें सभी क्षेत्र में श्रेष्ठता प्राप्त होता है। पंडित राम कुमार दुबे ने बताया कि यदि कोई लड़की, जो दुर्भाग्यशाली हो, ज्येष्ठ गौरी मंदिर में जाकर सच्चे मन से प्रार्थना करती है, तो वह भाग्यशाली (सौभाग्यवती) बन जाती है। जल्दी उसका विवाह हो जाती है। जीवन की सभी समस्याएं का निवारण मां जल्द से जल्द कर देती हैं।

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