दही थाना के तुर्कमान नगर में सोमवार रात जमीन के विवाद में अधिवक्ता का उसके पड़ोसी से विवाद के बाद मारपीट हो गई थी। सूचना पर दो सिपाही पहुंचे और अधिवक्ता को पीट दिया। बचाव में परिवार के लोगों ने पथराव किया। घटना में दो सिपाहियों को चोटें आईं। एक सिपाही का सिर में भी चोट लगी। सूचना पर दही थाना पुलिस दो गाड़ियाें से पहुंची और अधिवक्ता व उसके परिवार के अन्य लोगों को थाने लाई। पुलिस ने पड़ोसी की तहरीर पर अधिवक्ता सहित अन्य पर मारपीट और सिपाही की तहरीर पर हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की। मंगलवार देर शाम आरोपी के बगैर ही रिमांड पेपर लेकर न्यायालय पहुंची पुलिस को करीब डेढ़ घंटा समय देने के बाद भी पेश न करने पर एसीजेएम ने रिमांड प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया। सूचना पर दही एसओ आरोपी को लेकर पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने आरोपी अधिवक्ता को पीटाई से घायल देख पुलिस से धक्कामुक्की की। जिला जज ने भी एसओ को फटकार लगाई और एसपी से कार्रवाई का आदेश दिया है। तुर्कमान नगर निवासी अधिवक्ता पियूष लोधी का पड़ोसी राकेश लोधी से जमीन को लेकर कई साल से विवाद चल रहा है। सोमवार रात करीब 11:30 बजे दोनों पक्षों में फिर से विवाद हुआ। राकेश ने डायल 112 पर सूचना दी तो पीआरवी पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर लौट आई। राकेश का आरोप है कि पुलिस जाते ही पियूष फिर गाली-गलौज करने लगे। पुलिस को बताया तो औद्योगिक चौकी में तैनात दो सिपाही सोवित और धर्मेंद्र पहुंचे। आरोप है कि सिपाहियों ने पियूष को पीट दिया। इसपर उसके भाई व अन्य परिजनों ने पथराव किया। आरक्षी शोवित के सिर में चोट आई और दोनों सिपाही वहां से लौट गए। पुलिस से मारपीट की सूचना पर दही थानाध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह, फोस के साथ दो गाड़ियों से पहुंचे और अधिवक्ता और उसके परिवार के सदस्यों को थाने लाए। पड़ोसी राकेश लोधी की तहरीर पर पीयूष लोधी, संयोग, शिवम, अमन, सत्यम, मां रामजानकी और बहन गुड़िया पर गाली -गलौज, मारपीट, जान से मारने का प्रयास सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। वहीं घायल आरक्षी शोवित की तहरीर पर सरकारी काम में बाधा, हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने मंगलवार को दोपहर दो बजे कागजात तैयार किए और करीब तीन बजे आरोपियों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। शाम करीब चार बजे चौकी इंचार्ज पंकज कुमार सोनकर रिमांड पेपर लेकर एसीजेएम कोर्ट पहुंचे। न्यायाधीश ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने को कहा तो पुलिस टालमटोल करती रही। सूचना पर एसओ पांच बजे आरोपी को लेकर न्यायालय गेट पर पहुंच ही थे कि आरोपी अधिवक्ता पियूष की पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें देख अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। इस दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं में धक्कामुक्की भी हुई। उधर करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद भी आरोपी को न्यायालय में पेश न करने पर न्यायाधीश ने रिमांड प्रार्थनापत्र निरस्त (रिमांड रिफ्यूज) कर दिया। जानकारी पर जिला जज अनिल कुमार वर्मा ने भी एसओ को फटकार लगाई और एसपी को एसओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। घायल अधिवक्ता व परिवार के अन्य लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि दो पक्षों में मारपीट हुई थी। सिपाही पहुंचे तो एक पक्ष ने उन्हें पीट कर घायल कर दिया था। एसओ पर कार्रवाई के सवाल पर बताया कि वह अभी बाहर हैं। दिखवाते हैं गलती मिली तो कार्रवाई की जाएगी।