कांवड़ यात्रा में शिवभक्ति और आस्था की कई भावुक कहानियां सामने आ रही हैं। पानीपत निवासी कांवड़िया इंदर अपनी पत्नी के स्वस्थ होने की मन्नत पूरी होने पर पहली बार हरिद्वार से खड़ी कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। इंदर ने बताया कि उनकी पत्नी लक्ष्मी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। डॉक्टरों ने भी उनके बचने की उम्मीद कम बताई थी। इसके बाद उन्होंने भगवान भोलेनाथ से पत्नी के स्वस्थ होने की प्रार्थना की। इंदर के मुताबिक भगवान शंकर ने उनकी प्रार्थना सुन ली और उनकी पत्नी लक्ष्मी पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। इसी आस्था और कृतज्ञता के चलते वह पहली बार खड़ी कांवड़ लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इंदर ने कहा कि उनके लिए यह यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और आभार व्यक्त करने का माध्यम है। रास्ते में वह आस्था के साथ कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।